govinda_bag

My words, my life��

Grid View
List View
Reposts
  • govinda_bag 15h

    Oh! Green why vain?
    Grey you become
    awaits cruel pain...

    ©govinda_bag

  • govinda_bag 15h

    •••••••••••
    आपबीती
    °°°°°°°°°°

    �� मानों या न माने....! ��

    ☠️��☠️��☠️��☠️��☠️��☠️

    सन् '९५ जनवरी २५ की रात
    नया उम्र नया था हर जज़्बात।
    बस सुबह होने का था इंतज़ार
    गणतंत्र दिवस का वो त्योहार।

    रात अधुरी आधी थी
    निंद नहीं बस आई थी।
    नए कालेज के दिन थे
    पेरड में शामिल हम थे।
    लघुशंका को उठे
    बाहर जा कर बैठे।
    अचानक एक औरत बुड्ढी
    पहनकर सफेद एक साड़ी।
    चल के गई सामने हमारी
    लगा कोई राह में से गुजरी।

    सुबह हुई फिर यार
    मस्त लगा त्योहार।
    मिला प्रथम पुरस्कार
    पेरड में उस बार।
    छुट्टी हुई तो घर आया
    रात का किस्सा याद आया।
    पुछने निकला कौन थी वो
    सफेद साड़ी में आई थी जो।
    होगी वो किसके मेहमान
    या कोई किसी की जान पहचान।
    सबने किया मना
    रात कोई आई हीं ना....!

    फिर आया मुझे याद
    हफ्ते पहली की बात।
    पड़ोस की एक बुड्ढी
    बिमार से थी गुजरी।
    अब लगा मुझे डर
    पसीने से हुआ सरसर।
    चक्कर आया पडा
    रोंगटा हुआ खड़ा।

    आपके लिए कहानी, पर हमने सच सुनाई
    मानों या न माने....... आपबीती है बताई!

    ©️ गोविंद

    ��������������������������

    �� #prayasss16 ��

    ☠️☠️☠️☠️☠️☠️☠️☠️☠️☠️☠️☠️☠️☠️☠️☠️☠️

    Thank you so much @royalqueen123 ji for this beautiful topic ��
    ����������������������������������

    #writersnetwork #pod #mirakee @writersnetwork
    ������������������������������������

    Image credit to the rightful owner ��
    ��☠️��☠️��☠️��☠️��☠️��☠️��☠️��☠️��☠️

    Read More

    ©govinda_bag

  • govinda_bag 1d

    प्रशंसा पत्र

    आज का दिन कमाल था
    हर एक लेख धमाल था


    @goldenwrites_jakir bhai ji
    @cruxoflife ji @royalqueen123 ji @piu_writes ma'am @mamtapoet ji @vaishally ji @neha_ek_leher ji @loveneetm bhai ji @life09 bhai ji @reenu312 ji @rnsharma65 sir
    @lazybongnes sister ji @anubhooti_ Ma'am @meri_diary ji

    हे! साहित्य साधिका/साधक गण आप सभी को शत-शत नमन

    दिल से शुक्रिया अदा करना चाहूंगा आप सभी महानुभावों का जिन्होंने अलग-अलग तरीके से अपनी मत उजागर किया। त्याग से बढ़ कर कोई बलीदान नहीं। त्याग हीं इबादत है।
    आने वाली प्रयास (#prayasss16) की कड़ी को जोड़ने के लिए विनम्रता पूर्वक मंच संचालन के लिए @royalqueen123 जी को गुरु दायित्व अर्पण करता हूं।

    जाने अंजाने में कोई गलती हुई है तो अपना समझ के माफ़ कर दिजीएगा।

    आपका गुणमुग्ध
    गोविंद

    ।‌धन्यवाद।।

  • govinda_bag 1d

    #rhymesc
    #writersbay @writersbay��

    Image credit to the rightful owner ��

    Read More

    Why?

    Why love, if I am to be forgotten?
    Why promised, it has be broken?
    Why showed dreams, it is false?
    Why held hands, if I'm to repulse?
    Why took my heart, if can't keep it?
    Why gave smile, if feel tears so fit?
    Why hope, if let me be in all dark?
    Why stitch, if can't wipe my mark??

    ©govinda_bag

  • govinda_bag 1d

    #prayasss15
    Kindly tag #prayasss15 and share��

    अनुग्रह करुंगा @rnsharma65 ji @anubhooti_ ji @piu_writes ji @goldenwrites_jakir ji @reenu312 ji

    Read More

    प्रयास-१५

    आभार व्यक्त करता हूं आप सभी महानुभावों का इतना प्यार और अपनापन के लिए।
    कभी कभी दुसरों को खुश करने की कोशिश में कुछ लोग अपना खुशीयों को पूर्णतः त्याग करते हैं और इस जद्दोजेहद में अपने सपनों को भी गिरवी रखते है। कभी कभी यह त्याग अनगिनत खुशियों के रंग बिखेरता है और उदारता का मिसाल बन जाता है।

    आज का प्रयास का शिर्षक :
    "त्याग"
    आशा है आपको यह प्रसंग पसंद आए। विनम्रता से निवेदन है त्याग का गुणगान करें और इस कड़ी को आगे ले जाएं।

    आप सभी का सहयोग कामना करते हुए,
    आपका गुणमुग्ध
    गोविंद

  • govinda_bag 2d

    ❤️

    For this, lost many dreams
    for this, wasted many times
    for this, forgot sweet smiles
    for this, walked far all miles
    for this, tore hundred pages
    for this, lived countless ages
    for this, flowed all the tears
    for this, fought oddly fears
    for this, killed lots of hopes
    for this, felt all hearthrobes
    for this, left world's fuddles
    for this, fade all the cuddles
    for this, spent youth all wide
    for this, lived life's ebb and tides...

    * * * * * * * * * * * * * * * * * * * *

    May you be a mere soul for all
    for me, you're a jiffy that does lull
    for me, you my planet quite small.

    ❤️


    #writersnetwork #writerstolli #writersbay #pod
    @writersnetwork @writerstolli @writersbay @mirakee��

    Image credit to the rightful owner ��

    Read More

    A touch...

    ©govinda_bag

  • govinda_bag 2d

    #prayasss14 #writersnetwork #pod

    @meri_diary_ जी का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा इस सुंदर प्रसंग के लिए ����

    कृपया गलतियां सुधारते हुए पढ़िएगा ��

    Read More

    मत कर गंदा..

    ️️
    मत कर गंदा देख तु चारों ओर प्रदुषण है
    प्रकृति मां है अपनी, परिवेश आभूषण है।

    तुने जंगल-वन उजाड़ा, उजडा हर चमन है
    प्रकृति मां है अपनी, परिवेश आभूषण है।

    घर बनाई, खेत बनाया बिगाड़ा ये दामन है
    प्रकृति मां है अपनी, परिवेश आभूषण है।

    कलों का धुआं खा के बीमार धरती गगन है
    प्रकृति मां है अपनी, परिवेश आभूषण है।

    झील, नदी सब गंदगी, गंदा आज पवन है
    प्रकृति मां है अपनी, परिवेश आभूषण है।

    जहर उगलती जब चलती तेरी ये वाहन है
    प्रकृति मां है अपनी, परिवेश आभूषण है।

    मिट्टी,रेत, हर संपदा मत लुट ये जीवन है
    प्रकृति मां है अपनी, परिवेश आभूषण है।

    ऋतु बदला ताप बढ़ाई बैरी बना मौसम है
    प्रकृति मां है अपनी, परिवेश आभूषण है।

    फैसले की घड़ी आई,मुरझा रहा आंगन है
    प्रकृति मां है अपनी, परिवेश आभूषण है।

    हरा-भरा कर ये जग सारा यही श्रेष्ठ हवन है
    प्रकृति मां है अपनी, परिवेश आभूषण है।




    ©govinda_bag

  • govinda_bag 3d

    #prayasss13 #writersnetwork
    @hindiurduwriters ��
    Special thanks to @neha_ek_leher ji for the tag ��

    Read More

    छल



    छल क्या है?
    अपनों का अपनो से बैर और अहंकार,
    दुसरो का टांग खिंचकर तलितलांत करना छल।
    इन्सान को हैवान बनाता वो है छल।

    जो मंथरा ने की थी कभी
    कैकेई के जरिए स्वांग रचकर।
    छल वही जो रावण ने किया,
    स्वर्ण हिरन भेज
    सीता हर लिया।
    या छल वो है
    जो शकुनि ने किया,
    विशाल कुरू सभा मैं
    दुर्योधन की पासा ने पांडवों को फांदा
    सरेआम द्रोपदी की वस्त्र उतार दिया।

    छल तो स्वयं
    कृष्ण ने भी की थी कभी
    गधे का पांव पकड़ लिया।
    भारत युद्ध में,
    वादा किया शस्त्र न उठाने का
    और लड़ाई न लड़ने का!
    हो सके तो रथ के उपर स्थित
    हनुमानजी से पूछो
    "महाभारत में किसने ज्यादा मारा?"
    याद है वह कहते हैं,
    "चक्र चलता रहा और मुंडी गिरते रहे।"
    अरे!
    छल तो एकबार धर्म युधिष्ठिर ने भी की,
    यह कहते हुए,
    'नर' या 'कुंजरो" अश्वत्थामा हत।
    छल तो छल होता है
    कपट होता है, भले इससे किसी का भलाई क्यूं न हो।

    यदुवंशियों का समाप्त कर
    श्री कृष्ण भी शबर के तीर का शिकार हुए
    और
    स्वर्ग जाते हुए युधिष्ठिर ने भी किया नर्क का दर्शन
    थोड़ी सी छल कपट के लिए।

    नर, दानव हो या फिर देवता
    छल कर के कौन है बच सका??



    ©govinda_bag

  • govinda_bag 4d

    Rain
    begets
    Life..

    ©govinda_bag

  • govinda_bag 5d

    #prayasss11

    [] जलन []
    ------@गोविंद------

    (The results of UPSC Exam have been out today. Many may have cracked it but some are in the fire of jealousy. Success has many parents but the failure is an orphan. My post of today is dedicated to all the hardworking winners including one of my favourite students. Hope you like the post.)

    मैंने पंख उगा लिया
    उड़ना मैंने सिख लिया
    तु उड़ न सका ग़म है मुझे
    मैंने आसमां चुन लिया।
    किसने रोका तुझको बता
    हमने बैचेनी ली और
    तुने क्यूं शुकून लिया?
    मेहनत रंग लाई अपनी
    तुने आलस्य चुन लिया।
    ख़ून पसीना एक की
    भाग्य अपना लिख लिया।
    दिन रात एक की
    तपस्या अनेक किया।
    फालतू कुछ न मिलता दोस्त
    मैंने इसका कीमत दिया।‌।
    अब बता,
    तुझे मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं नं!!!!

    ©govinda_bag