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  • i_m_ijm 25w

    क्या-क्या वो कह गए
    क्या क्या हम सहे गए

    क्या-क्या वो कह गए
    क्या क्या हम सहे गए

    जो ना कहा
    वही तो इश्क था
    और उसे सुनने के लिए हम सब सहे गए।

  • i_m_ijm 32w

    कुछ रातों के दर्द खत्म कभी होते नही

    कुछ जज्बात दूर चले जाने से कभी मिटते नहीं ।

  • i_m_ijm 33w

    इनकार के जमाने में ,
    तुम मेरा इकरार हो ।

    दिल्लगी के जमाने में ,
    तुम मेरी आशिकी हो।

    तोहफो के जमाने में ,
    तुम मेरा तोहफा हो ।

    Selfies के जमाने में ,
    तुम मेरे screenshots हो ।

    रास्तो के जमाने में,
    तुम मेरी मंजिल हो ।

  • i_m_ijm 33w

    To be continued...

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    बेचनियों के जमाने में,
    तुम मेरा सुकून हो ।

    चाहतों के ज़माने में ,
    तुम मेरी ख्वाहिश हो ।

    दिखावे के जमाने में,
    तुम मेरा राज़ हो।

    अंधेरों के जमाने में ,
    तुम मेरी रोशनी हो ।




    - isha jain

  • i_m_ijm 33w

    To be continued...

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    नुमाइशो के जमाने में,
    तुम मेरी इबादत हो ।

    बेवफाई के जमाने में,
    तुम मेरी सच्ची मोहब्बत हो ।

    फरेब के जमाने में ,
    तुम मेरे सच्चे दोस्त हो।

    झूठी प्रशंसा के जमाने में ,
    तुम मेरा आईना हो ।




    - isha jain

  • i_m_ijm 33w

    दिल उसका भी टूटा होगा
    जब मोहब्बत को नफरत लिख रही होगी
    आसान नहीं होता उसके लिए भी खुद को जलाना पड़ता है।

    _ isha jain

  • i_m_ijm 34w

    ᴍᴇʀɪ ᴋᴀʟᴀᴍ

    ये प्यार लिखती है
    ये नफरत लिखती है
    ये मेरी कलम ,
    सारे जज़्बात लिखती है।

    - isha jain

  • i_m_ijm 34w

    ᴊᴀʀᴜʀɪ ɴᴀʜɪɴ

    जरूरी नहीं कि हर बार उन अनकहे अल्फाजों को समझु जो तुमने कभी बयां किए ही नहीं
    जरूरी नहीं कि हर बार प्यार को समझू
    जरूरी नहीं कि हर बार माफ कर दु
    जरूरी नहीं कि हर बार तुम्हारी सोच को समझु
    जरूरी नहीं कि हर बार तुम्हारे जाने की वजह को समझु
    कुछ जरूरी है तो यह जरूरी है कि वक्त से पहले रिश्तो की अहमियत करना सीख लो
    उनके लिए वक्त निकालना सीख लो
    एक दिन सब कुछ तो होगा तुम्हारे पास ,वक्त भी होगा पर शायद
    वो अपने नहीं होंगे ,
    वो हमसफ़र नहीं होगा,
    वो दोस्त नहीं होगा
    जो आज तुम्हारी खामोशी को भी समझने के लिए तैयार है ।

    -ɪsʜᴀ ᴊᴀɪɴ

  • i_m_ijm 35w

    "woh"(वो)

    थोडी प्यारी सी
    थोड़ी झल्ली सी है वो
    थोड़ी बेड़ग सी
    थोड़ी जिद्दी सी है वो

    कोई थोड़ा सा प्यार दिखाता है पिघल जाती है वो

    किसी का दिल दुखाना उसकी आदत नहीं
    पर कभी-कभी गुस्से में भी गलत शब्द बोल जाती है वो

    कभी अपनों से लड़ लेती हैं
    कभी उनकी कडवी बातें सुनकर भी चुप रह जाती है वो

    जब भी अपनी मां की आंखों में आंसू देखती है
    बिखर जाती है वो

    पापा कभी अपना दर्द जताते नही उनकी खामोशी को भी बखूबी पहचान लेती है वो

    बचपन से था उसका एक ही सपना पापा का बेटा बनना
    पर बेटियां भी कहां किसी से कम होती है यह उसकी कामयाबी से दिखाना चाहती है वो ।

  • i_m_ijm 35w

    तेरे आने से मेरा जहां रोशन हुआ था,
    तेरे चले जाने से आज अंधेरा सा छा गया है,
    दर्द आज भी उतने ही है है जो कल तक थे,
    पर तेरे साथ होने से उन पर मरहम सी लग जाती हैं।

    - isha jain