ishq_allahabadi

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A learner who loves to write and read. "FOLLOW ME WHEN YOU FEEL ME..."

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  • ishq_allahabadi 3d

    Break

    Taking a break from writing, will miss your writings...Don't know when I will be back. Because of some reasons I have to take this step. Miss you mirakees..all of you take care of your self..
    ©ishq_allahabadi

  • ishq_allahabadi 4d

    नफ़ा/نفع

    وہ کہتا ہے کی باقی ہے نفع بس درمیاں اپنے،
    خیال عشق کو پھر ترک وہ کیوں کر نہیں کرتا۔

    वो कहता है की बाक़ी है नफ़ा बस दरमियां अपने,
    ख़्याल-ए-इश्क़ को फिर तर्क वो क्योंकर नहीं करता।
    ©ishq_allahabadi

  • ishq_allahabadi 1w

    नज़्म

    धागा है ना तो सूई न ख़य्यात ही मिले,
    ग़ुरबत के पैरहन में बशर कैसै फिर फिरे।

    करके कफ़न को ज़ेबे बदन ख़ौफ़ अब नहीं,
    बरछी पे सर गिरे या छुरी आ के सर गिरे।

    लिखता हूँ बार - बार मिटाता हूँ लफ़्ज़ को,
    वो बावफ़ा था फिर क्यों क़लम बेवफ़ा लिखे।

    लिजे कि अब ऊताक़ मेरा कुछ खुशाद है,
    क्यों अब ज़ुबान चुप है तेरी होंठ क्यों सिले।

    किस बात का है ग़म, है क्यों आहो ज़ारियाँ,
    होता है उतना सख़्त जिगर जितना ग़म गिरे।

    हमने हसीन ख़्वाब जो देखे थे हर पहर,
    होते हुए वो ख़्वाब हक़ीक़त नहीं दिखे।

    मंज़िल बहुत है दूर के मुश्किल का है सफ़र,
    आओ सफ़र में देखें मुसीबत के सिलसिले।

    हिम्मत से अपनी "इश्क़"तू इतना बुलन्द हो,
    तू जब चले तो चर्ख़ -ए- कुहन ज़ोर से हिले।
    ©ishq_allahabadi

  • ishq_allahabadi 1w

    تری زات میں مری زات کا ،
    ہو ملاپ جیسے حیات کا ۔

    تو جو ہاں کہے تو کہوں میں ہاں،
    تو جو نہ کہے تو کہوں میں نہ۔

    ترا درد میرا بھی درد ہو،
    ترا غم بھی میرے ہی پاس ہو۔

    تو جو روئے راتوں کو جاگ کر،
    میں نہ سوئوں کروٹ اِدھر اُدھر۔

    ترے عشق میں ہو میری نجات،
    تری سانسوں میں ہو میری حیات۔

    #mirakee #writersnote #shairi #poet #ishq #urdu #ghazal

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    ज़ात/زات

    तेरी ज़ात में मेरी ज़ात का,
    हो मिलाप जैसे हयात का।

    तू जो हाँ कहे तो कहूँ मैं हाँ,
    तू जो न कहे तो कहूँ मैं ना।

    तेरा दर्द मेरा भी दर्द हो,
    तेरा ग़म भी मेरे ही पास हो।

    तू जो रोए रातों को जाग कर,
    मैं न सूऊँ करवट इधर उधर।

    तेरे "इश्क़" में हो मेरी निजात,
    तेरी साँसों में हो मेरी हयात।
    ©ishq_allahabadi

  • ishq_allahabadi 1w

    वाइज़ = उपदेशक
    #mirakee #writersnote #shairi #poet #ishq #urdu #ghazal

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    वाइज़/ واعظ

    ذرا واعظ سے یہ کہ دو نہ دے اپدیش اب کوئ،
    یہ خودغرضی کی دنیا ہے یہاں پر لوگ بکتے ہیں۔

    ज़रा वाइज़ से ये कह दो न दे उपदेश अब कोई,
    ये ख़ुदग़र्ज़ी की दुनिया है यहाँ पर लोग बिकते हैं।
    ©ishq_allahabadi

  • ishq_allahabadi 1w

    कमली

    तेरे इश्क़ में ऐसी कमली हुई,
    क्या रात है क्या दिन नहीं पता।
    मेरी नस नस में तू बसता है,
    तू ख़ून के मिस्ल है इसमें रवां।
    तू धड़कन दिल की है अब,
    इस धड़कन की है तू जाँ।
    तेरी क़ीमत मेरी आँखों में,
    तू क्या जाने कितनी है भला,
    इस क़ीमत के ही ख़तीर तो,
    तुझपे ख़ुद को है सदक़ा किया।
    मेरी साँसों का तू महवर,
    इस महवर पर मैं क़ुर्बां।
    हमनें तुझसे है प्यार किया,
    दिल अपना तुझपर वार दिया,
    फिर वार के अपना दिल हमनें,
    सब कुछ अपना है हार दिया।
    मेरा तू है अब तो सब कुछ,
    इस सब कुछ का है एहसाँ।
    तू मर्ज़ मेरा है साँवरिया,
    इस मर्ज़ की कोई नहीं दवा,
    गर फ़र्ज़ करो हो भी जो अगर,
    मुझे मरने दे इस मर्ज़ में हाँ।
    मेरे जिस्म की तू ही है रूह,
    उस रूह में बस्ती मेरी जाँ।
    ©ishq_allahabadi

  • ishq_allahabadi 1w

    کیا بیاں اپنی ہی خوبی کا ہو بس اتنی ہے،
    ایک جوھر تھا جو خلوت میں رہا خاک ہوا۔

    نظریں انکی جو پڑی مجھ پہ تو پھر ایسا ہوا،
    تھی ختایں جو سبھی ان سے میں پھر پاک ہوا۔

    ان کے ہاں کہنے پہ آئ ہے جو ہمت مجھ میں،
    دیکھئے کیسے کی میں "عشق" میں بے باک ہوا۔

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    बयाँ/بیاں

    क्या बयाँ अपनी ही ख़ूबी का हो बस इतनी है,
    एक जौहर था जो ख़लवत में रहा ख़ाक हुआ,

    नज़रें उनकी जो पड़ी मुझपे तो फिर ऐसा हुआ,
    थी ख़ताएँ जो सभी उनसे मैं फिर पाक हुआ।

    उनके हाँ कहने पे आई है जो हिम्मत मुझमें,
    देखिये कैसे की मैं "इश्क़ " में बेबाक हुआ।
    ©ishq_allahabadi

  • ishq_allahabadi 1w

    शख़्स/ شخص

    مجھ میں اتر رہا ہے کوئ شخص اس طرح،
    شب پر ہے چھائے جیسے اجالا کی جس طرح،
    نظریں جھکائے رکھو اٹھاو نہ ان کو تم،
    ہم مر گئے تو ہوش میں آیں گے کس طرح۔

    मुझमें उतर रहा है कोई शख़्स इस तरह,
    शब पर है छाए जैसे उजाला की जिस तरह,
    नज़रे झुकाए रखो उठाऊ न इन को तुम,
    हम मर गए तो होश में आएँगे किस तरह।
    ©ishq_allahabadi

  • ishq_allahabadi 1w

    Follow " k_amna"

    Dear all , Kindly read " k_amna " and follow because she is worth to follow...I am really impressed of what she writes and I am sure you would so...

    Thanks ..I hope to be listened by you all. Follow her please.
    ©ishq_allahabadi

  • ishq_allahabadi 1w

    तब्बस्सुम = मुस्कराहट
    #mirakee #writersnote #shairi #poet #ishq #ghazal #urdu

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    जिगर/جگر

    جو تیر تبسم کا چلایا ہے اپنے،
    کیا ہی مزہ ہے اس میں جگر پر جو آ لگے۔

    जो तीर तब्बस्सुम का चलाया है आपनें,
    क्या ही मज़ा है इसमें जिगर पर जो आ लगे।
    ©ishq_allahabadi