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  • its_ria 1d

    तुम खामोश हो या दूर हो गये ।
    मैं तो रूठी थी तुम तो किसी और के हो गये ।।

    ❤Riya .......
    ©its_ria

  • its_ria 5d

    माँ

    ©its_ria

    चाँद्रमा सी मनमोहक छवि उनकी ,
    ....... काले मेघों से केश हैं ।
    तारों से जडित कंठ हार उनका ,
    ......सूरज की ज्‍वाला सा ताप है ।। १।।

    करूण रस की मूर्ति वो ,
    ....... स्वर्ण शास्र मे रचित कविता का राग हैं ।
    वो कोई लिखा लेख नहीं ,
    ....... स्‍वयं मे ही भगवान का दूसरा नाम है ।। २।।




    .... वो कोई और नहीं ......
    ...... हमारी माँ है ।।

  • its_ria 1w

    इक वो - जिसे हम चाहते हैं
    इक वो - जो हमें चाहते हैं

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    वो और हम

    इक वो - जो हर दिन मुझे मारता है अपने भाग्य में
    इक वो - जो हर दिन मुझे मांगता है अपने भाग्य में

    ऐ खुदा (रब) मैं जाऊं किस ओर

    इक वो - जो मेरी हर तकलीफ़ का जिम्मेदार है
    इक वो - जिसके हर तकलीफ़ की मैं खुद जिम्मेदार हूँ

    हे खुदा (पिता) राह तो दे
    आखिर तु भी ये मत कहना मै तेरे सर पर भी इक जिम्मेदारी हूँ ।।
    ©its_ria

  • its_ria 1w

    Be my love ❤

    ©its_ria


    वो कुछ ऐसा है ❤
    ना कोई उसके जैसा है ....
    प्‍यार तो करता है
    ना समझता है ना समझाता है
    बनकर इक दोस्त
    कसमे सारी वो निभाता है
    सबमे अलग सबसे अलग
    मेरा वाला कुछ ऐसा है
    ना कुछ कहता है ना कुछ सुनता है
    अपनी सुनाकर मेरे नखरों को भी सहता है
    जो रूठूँ मै तो ना मनाता है
    मनाया जाता है कैसे मुझसे ही पूछता है
    ना काला है ना गोरा है☺
    मेरी डायरी मे छुपा अनोखे रंगो का बसेरा है
    वो कुछ ऐसा है ❤
    मै लिखती हूँ जैसा ना वो वैसा है
    पढ के भी ना याद हो सके वो उन किताबों जैसा है
    हाँ सच मे मेरा वाला कुछ ऐसा है

  • its_ria 2w

    ...... खूबसूरती ....

    ©its_ria



    ......... महँगे तोहफ़े नहीं मागूँगी ।
    बस इक बिन्‍दी लेते आना ......।।

  • its_ria 2w

    ©its_ria
    जिदंगी रूठी नहीं हैं हमसे .......... बस
    किसी नये और बेहतरीन की तलाश मे है ।।

  • its_ria 2w

    विहग इव मुक्त

    काटों - सा चुभना भी लाजमी है जनाब ।
    हर किसी की किस्मत गुलाब - सी तो नहीं हो सकती हैं ना ।।


    रिया पाल .......
    ....... विहग इव मुक्त
    ©its_ria

  • its_ria 2w

    ©its_ria


    नये साल की ना सुबह बदली ना बदली शाम .....।
    साल बदल गया ......
    ना बदल सका इंसान ....।।

  • its_ria 2w

    शराब

    इश्क़ वफा है जुनून है
    ....... जरा़ इख़तिहार बरतिऐ ।

    गुलाम बना देगी ये मोहब्बत
    ....... शराब भी साथ रखिऐ ।।

    ©its_ria

  • its_ria 3w

    ग़ालिब कहता रहा नवाजो इस इश्क को यारों ....
    ....... ग़ालिब कहता रहा नवाजो इस इश्क को यारों
    ना जाने कब छूट जाए ये रिश्‍ता हम सबसे ,
    मेहमान हैं चार दिन के ......
    ना जाने कब रूठ जाये रब हमसे ..।।

    ©its_ria