jeevansaar

i need support for writing.. i m just a beginner...

Grid View
List View
Reposts
  • jeevansaar 4d

    तेरी बात :-

    कोई मुझ से मेरे महबूब की बात तो कर जाए...
    बेजान इस दिल में, कुछ जज्बात तो भर जाए...
    ©jeevansaar

  • jeevansaar 4d

    My Best:-

    बेकदर...बेईमान... बेवफा...और ना जाने क्या क्या लगेंगे तुम पर इल्जाम भी......
    बचाने को इश्क, बदलते-बदलते खुद को...खो दोगे तुम अपनी पहचान ही......

    यकीन मुहब्बत का दिला ना पाओगे कभी ... तुम देकर अपनी जान भी...
    थामकर हाथ रकीब का... कहेंगे वो कि... तुम हारे हुए थे इंसान ही.....

    ©jeevansaar

  • jeevansaar 2w

    दुनिया :-

    नाम हमे खुद कमाना पड़ता है साहब..
    और बदनामी हमे दुनिया कमाकर देती है।
    आज कल गाँवो से नीम के पेङ कम होने लगें है ...
    लेकिन घरों में कड़वाहट बढ़ती जा रही है।
    कि अब जुबान में मिठास बाकी नही रही...
    लेकिन जिस्म में शुगर बढ़ती जा रही है।
    मुर्दा सिर्फ वो ही नही जिसमें जान बाकी नही है...
    मुर्दा वो भी तो है जिनमे इंसानियत बाकी नही है ।।

  • jeevansaar 2w

    याद :-

    हरवक्त देते रहते थे हमे जो इश्क की दुहाई,,,
    अर्से से उन्हे मेरी एक मर्तबा याद क्यों नही आई??

    ©jeevansaar

  • jeevansaar 2w

    तेरे-मेरे :-

    नफ़रतो के शहर में,
    चालाकियों के डेरें है।।
    यहाँ वो लोग रहते हैं ,
    जो तेरे मूँह पर तेरे हैं ,
    और मेरे मूँह पर मेरे हैं ।।

  • jeevansaar 3w

    आप अच्छे हो :

    हम बुरे लोग है साहब...
    हम बुरे वक्त में काम आते है।।

    ©jeevansaar

  • jeevansaar 3w

    रिश्ते :-

    कुछ कह गए , कुछ सह गए
    और कुछ कहते कहते रह गए ।
    मै सही- तुम गलत के खेल में,
    न जाने कितने रिश्ते ढह गए।।

    ©jeevansaar

  • jeevansaar 3w

    मियाद ए इश्क :-

    रूह -ए- इश्क की,
    औकात- ए- मियाद
    बस इतनी है साहब...
    कि लोग चाइनीज फोन से पहले ही
    मुहब्बत बदल लिया करते है ☺

    ©jeevansaar

  • jeevansaar 5w

    जगजीत सिंह
    By unknown writer

    Read More

    मेरा बचपन

    ये दौलत भी ले लो
    ये शोहरत भी ले लो
    भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी
    मगर मुझको लौटा दो
    बचपन का सावन
    वो कागज़ की कश्ती,
    वो बारिश का पानी...

    मुहल्ले की सबसे निशानी पुरानी
    वो बुढ़िया जिसे बच्चे कहते थे नानी
    वो नानी की बातों में परियों का डेरा
    वो चेहरे की झुरिर्यों में सदियों का फेरा
    भुलाए नहीं भूल सकता है कोई
    वो छोटी सी रातें वो लम्बी कहानी

  • jeevansaar 5w

    तकलीफ

    मेरे दर्दो-गमों को बांट कर दूर कर दे,
    ऐ खुदा बेशक ऐसा दिलदार ना दे।।
    निकल आऊंगा मुश्किलो से मैं खुद ही,
    बस तकलीफें ही सुन सके इक ऐसा यार ला दे।।

    ©jeevansaar