kajol_97

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  • kajol_97 1w

    "Matrimony"
    ( In search of a dream Partner)


    So it's about that time, ' When i was in the golden years of my life.
    ©kajol_97

  • kajol_97 4w

    किसी ने आज क्या खूब कहा हमसे,
    बहुत जल्दी संभल गए तुम,
    हमने तो लोगों को अक्सर इश्क में बर्बाद होते देखा है !

  • kajol_97 6w

    Tab vo Dhoni kahlata hai

    एक छोटे से गाँव मे जन्मा,
    क्या खूब खिलाड़ी आया है !
    जब मारे वो हेलीकाॉप्टर शॉट,
    तब धोनी कहलाया है !


    7 नंबर का लक पहेनकर,
    वो जब-जब मैदान मे आया है !
    अरे ! ज़ब मारे हेलीकाॉप्टर शॉट,
    तब-तब धोनी कहलाया है !

    तेज दिमाग़ और शांत स्वाभाव,
    का वरदान खुदा से लाया है !
    अरे जब ! मारे हेलीकाॉप्टर शॉट,
    तब कैप्टन कूल कहलाया है !

    जिम्मेदारी, निडर विचार ने,
    ही उसे बेस्ट कैप्टन बनाया है !
    जब मारे वो हेलीकाॉप्टर शॉट,
    तब वो माही कहलाया है !


    धोनी, माही, कैप्टन कूल,
    नजाने कितने नाम शगुन मे पाया है !
    जब मारे वो हेलीकाॉप्टर शॉट,
    तब वो धोनी कहलाया है !

    इतिहास रचाने आया है !
    कुछ याद दिलाने आया है !
    जब मारा वो हेलीकाॉप्टर शॉट,
    तब विश्व पदक घर लाया है !

    घड़ी दुखद ये आयी सबपर,
    जब सन्यास को लौटा है वो,
    अब कौन मारेगा हेलिकॉप्टर शॉट,
    फिर वाह ! धोनी बन छा जायेगा !
    ©kajol_97

  • kajol_97 7w

    Insaaf tujhe dilvayenge

    तू चाँद नहीं ध्रुव तारा था,
    अम्बर का सबसे प्यारा था !
    इन्साफ तुझे दिलवायेंगे,
    तेरे अस्तित्व की लाज बचाएंगे !

    तू हवा नहीं इक आंधी था,
    इंसान बड़ा तूफानी था !
    तेरा नाम अमर करवाएंगे,
    इंसाफ तुझे दिवायेंगे !

    बूढी आँखों की बेचैनी को,
    राहत की नींद सुलायेंगे !
    इंसाफ तुझे दिवायेंगे !
    मानवता की जीत करायेंगे,

    कुछ भद्दे से जो चेहरे हैं,
    तेरी हत्या से रंगे हुए !
    उनको हम साफ कराएँगे,
    अब तुझको न्याय दिलायेंगे !

    सच को कमजोर समझते जो,
    पैसों की ताकत पर मरते जो !
    अब उनको औकात दिखायेंगे,
    हम जेल उन्हें पहुंचायेंगे !

    वो रोक नहीं अब पायेंगे,
    कमजोर नहीं कर पायेंगे !
    भारत सारा तेरे साथ खड़ा,
    तुझको हम न्याय दिलायेंगे !

    तू साथ नहीं है दुख इसका,
    है बिक ही चूका मजहब जिनका !
    उन्हें मजहब का पाठ पढ़ायेंगे,
    हाँ ! हम न्याय तुझे दिलवायेंगे !

    जो डाल रहे पर्दा सच पर
    बेईमान निडर घूमे दिनभर !
    तेरी साथ घटी हर घटना को,
    गिन-गिनकर उन्हें सुनाएंगे,
    हाँ !
    हम जरूर,
    न्याय तुझे दिलवायेंगे !
    ©kajol_97

  • kajol_97 7w

    Vo mujhse meri mohabbat ka hisab mangta hai

    अब औरों से मेरी बेवफ़ाई का जवाब मांगता है,
    वो मुझसे अब मेरी मोहब्बत का हिसाब मांगता है !

    खुद ही करके दिन-रात मुझसे लड़ाई,
    अब मुझसे वो मेरी रुसवाई की वजह मांगता है !
    जानते हो क्या,
    वो मुझसे अब मेरी मोहब्बत का हिसाब मांगता है !

    मेरे प्यार को आम समझकर,
    मुझसे सच्चे इश्क़ की मिशाल मांगता है !
    अब क्या ही कंहू,
    वो रोज अब मुझसे मेरी मोहब्बत का हिसाब मांगता है !

    खुद अपने झूठे प्यार को सरेआम करके,
    वो लोगों मे मेरी बेवफ़ाई का मलाल बाँटता है !
    अरे ! सुनो तो सही,
    वो मुझसे अब मेरी मोहब्बत का हिसाब मांगता है !

    वो मेरे पीठ पीछे हज़ारों से दिल लगाकर,
    मुझसे अब वो भीख मे ऐतबार मांगता है !
    देखोना, अब वो कैसे,
    मुझसे मेरी मोहब्बत का हर रोज हिसाब मांगता है !
    ©kajol_97

  • kajol_97 8w

    भाई

    बहुत पुरानी बात है,
    कल फिर, आनेवाला राखी का त्यौहार है !

    एक किनारे बैठी एक माँ, कोस रही थी मन-ही-मन खुद को !
    काश उस दिन ना मैंने अपनी कोख उजाड़ी होती,
    तो शायद कल मेरे भी घर औरों की तरह खुशहाली होती !

    हे भगवान, कैसा अनर्थ कर डाला मैंने !
    आने वाली गुड़िया को,
    आने के पहले ही अलविदा कहा डाला मैंने !

    काश ! उस दिन मैंने इस समाज को इक दहाड़ लगायी होती !
    तो एक बेटी से उसका हक़ लेकर,
    यूँ, पाप की भागीदार ना कहलायी होती !

    हाय! मेरी इक गलती से कल के आने वाले दिन मे
    बिना बहेना के एक भाई की,
    फिर एक बार ना यूँ इस तरह सूनी कलाई होती !

    बेशक ! मेरे भी घर मे फिर औरों की तरह,
    बहेन-भाई की प्यारी सी नोक-झोंक छायी होती !

    मेरे इस बेटा-बेटी के भेद-भाव ने,
    कल फिर एक बार,
    इन मासूम सी आँखों को ना भीगायी होती !

    ©kajol_97

  • kajol_97 12w

    Hai Aag tere Seene me.

    क्यूँ यूँ राख बनके बैठे तुम,
    दिन रात खुद से कहते हो !
    चिंगारी तो तुममे भी हैं,
    क्यूँ ना आग बन के बहते हो !

    कब तक समाये बैठोगे,
    दिल मे ख़्वाबों कि ज्वाला को !
    वक्त हैं दे दो हवा,
    एक बार ख़्वाबों कि माला को !

    जिस आग को तु ढूंढता
    है फिर रहा यंहा-वंहा !
    एक बार बैठ सोंच तू,
    है वो आग वो तेरे सीने मे !

    शुरुवात माना छोटी है,
    पर ये अंत तो हैं नहीं !
    तू बस बढ़ा दे एक कदम,
    फिर ये वक्त भी जायेगा थम !

    एक आग तुझमे है अभी,
    तु बस इक चिंगारी तो ला !
    देदे हवा फिर ऐसी की,
    फिर ये सनक हो ही ना कम !

    रुकना तू जाके फिर वंही,
    जिस दर पे तेरी मंजिल हो !
    उठ और ज्यादा सोंच मत,
    फिर देर ना हो जाये कंही !
    ©kajol_97

  • kajol_97 12w

    Story 1.9

    Ab vakt ho chla tha Degree College me dakhila leneka. Kruti ko BAF karna tha aur Kru ke % kaafi achhe the, is vajah se uska ek bhot hi achhe college me number aa gya.

  • kajol_97 13w

    Story 1.8

    Jisme Kruti ko 94% aur Dharti ko 71% mila. Kruti to khushi se phooli hi nhi samaa rahi thi, usne ek pal ki bhi deri na karte huye apne Maa aur Pitaji ko phone kiya aur baki sabhi kareebi Doston, rishtedaaron ko phone kar karke bataane lagi.
    Udhar Dharti bhi kuchh kam utsaah me nhi thi, usne bhi isi tarah sabhi ko phone karke apne Paas hone ki soochna di.
    Ab vakt ho chalaa tha......

    To be continued.....

    ©kajol_97

  • kajol_97 14w

    तुम्हे चाहने लगी हूँ मै... !!

    तुम होते हो जब सामने,
    कुछ भी समझ नहीं आता है !
    कहना चाँहू कुछ पर,
    कुछ और ही निकल जाता है !

    तुम्हे चाहने लगी हूँ मै... !!

    मिलने मुझे तुम,
    जब जब भी चले आते हो !
    नजरों मे कैद करके,
    दिल के सागर मे उतर जाते हो !

    तुम्हे चाहने लगी हूँ मै... !!

    तुम आये हो जब से जिंदगी मे,
    ये बहोत खूबसूरत लगने लगी है !
    पहले तो किसीकी ना सुनती थी मै,
    पर अब मेरे दिल की ही ना चलने लगी है !

    तुम्हे चाहने लगी हूँ मै... !!

    तुम्हे अपना बनाने की ख्वाईश से ज्यादा,
    तुम्हे खोने का डर लगता है !
    तुम्हे मै पाऊँ ना पाऊँ,
    पर किसी और का होने से डर लगता है !

    तुम्हे चाहने लगी हूँ मै... !!

    जिंदगी समझने लगी हूँ,
    हकीकत को भुलाकर !
    एक दिन चले ही जाओगे,
    मुझको ही रुलाकर !

    तुम्हे चाहने लगी हूँ मै... !!

    हम एक नहीं हो सकते,
    ये बात जानती हूँ मै !
    पर फिर भी हर रोज खुदा से,
    तुम्हे ही मांगती हूँ मै !

    क्यूँकि बेतहाशा तुम्हे ही चाहती हूँ मै...!!