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  • khanshariq 2w

    शिकायत तो बहुत है तुझसे ऐ ज़िन्दगी, पर चुप इसलिए हूं कि जो दिया तूने वो भी बहुतों को नसीब नहीं होता..
    ©khanshariq

  • khanshariq 2w

    एक इंच भी छोडने को मन नहीं करता,
    किसी झगड़े की जमीन सी लगती हो तुम..!!

  • khanshariq 8w

    जमाने से हुई खबर कि मै सुधर गया...
    फिर वो कौन था जो मेरे अंदर मर गया...
    ©khanshariq

  • khanshariq 8w

    गलतफहमियों में खो गया वो रिश्ता,
    वरना कुछ वादे अगले जन्म के भी थे...
    ©khanshariq

  • khanshariq 8w

    गैरों पर जुल्फों का साया करके
    वो चलेगए मुझको पराया करके
    ©khanshariq

  • khanshariq 9w

    इसी ज़मीन की हैं खाक से, यहीं अपनी खाक मिलाएंगे,

    ना बुलाने आपके आए थे, ना निकाले आपसे जाएंगे !!

  • khanshariq 9w

    वो चाहते है हिंदुस्तान छोड़ दे हम,
    बताओ भूत के डर से मकान छोड़ दे हम।

  • khanshariq 9w

    तेरे बाद हम जिस के होंगे,
    उस रिश्ते का नाम मजबूरी होगा।।
    ©khanshariq

  • khanshariq 9w

    मोहब्बत नहीं रही ज़माने में शारिक,
    अब लोग इश्क़ नहीं मज़ाक करते है।।
    ©khanshariq

  • khanshariq 9w

    मैं सबका दिल रखता हूँ
    और सुनो
    मैं भी एक दिल रखता हूँ...
    ©khanshariq