krati_sangeet_mandloi

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Singing Is My Love & Writing Is My Soul♥️ Co-Author | Co-Editor | Compiler

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  • krati_sangeet_mandloi 2d

    तेरा एहसास

    बेनिशाँ है तेरा एहसास, मगर बहुत गहरा है।
    तेरे दीदार में वक़्त कुछ बेसब्र सा ठहरा है।।

    तुझसे एक मुक़म्मल मुलाक़ात के ख़ातिर....
    मेरे चेहरे पर लगा ख़ामोशी का पहरा है।

    गुजरते हुए लम्हो में सुकून की तलाश में....
    वो तेरे संग एक शाम का आलम सुनहरा है।

    सदाबहार सी फिजाएं है मौजूदगी में तेरी....
    तेरे बिन मेरे दिल की ज़मीं पर सहरा है।

    इशारों में बातें करती है मेरी नाज़-ओ-अदा....
    तेरे लिए बेफ़िक्र ये रेशमी दुपट्टा लहरा है।।

    ©Krati_Sangeet_Mandloi✍️
    (25-09-2020)

  • krati_sangeet_mandloi 1w

    यहाँ कोई भी शख़्स अब पहचान में नहीं आता।
    झूठ का पर्दा बेनकाब इम्तिहान में नहीं आता।।

    हालात के कैद में झांकती है जब बेबस ज़िंदगी...
    साँसों का बेहाल चलना काम में नहीं आता।

    अल्फ़ाज़ों के खंजर से जो मिलते है ज़ख्म...
    मखमल का टुकड़ा तब आराम में नहीं आता।

    आहिस्ता-आहिस्ता कदम बढ़ते है सफ़र में...
    राह-ए-मंज़िल का पता एहतमाम में नहीं आता।

    क़त्ल जब होने लगे भरोसे की इमारत का...
    गिरा हुआ दोबारा आसमान में नहीं आता।

    दगाबाज़ की हक़ीक़त से रूबरु होने के बाद...
    चेहरे के लिए कोई आइना कुर्बान में नहीं आता।।

    ©Krati_Sangeet_Mandloi✍️
    (18-09-2020)

  • krati_sangeet_mandloi 2w

    तुम♥️

    मेरे हृदय का स्पंदन तुम,
    मेरे इत्र का चन्दन तुम,
    आकर्षण से आभा युक्त,
    मेरे हाथ का कंगन तुम।

    मेरे कजरे की धार तुम,
    मेरी पायल की झंकार तुम,
    चुनर प्रेम की ओढ़ कर,
    मेरे सौंदर्य का शृंगार तुम।

    मेरे मन के मीत तुम,
    मेरी हार की जीत तुम,
    रूढ़िवादिता से मुक्त हुई,
    मेरी कथा की रीत तुम।

    मेरे प्रेरक प्रसंग तुम,
    मेरी भंवर में संग तुम,
    नव ऊर्जा से ओतप्रोत,
    मेरे जीवन की उमंग तुम।

    मेरे साहस की मशाल तुम,
    मेरे संरक्षण की ढाल तुम,
    निरन्तर बढ़ती लहर सी,
    मेरी गति की चाल तुम।

    ©Krati_Sangeet_Mandloi✍️
    (12-09-2020)

  • krati_sangeet_mandloi 4w

    चितवन ~ दृष्टि, निगाहें
    सदन ~ घर


    #krati_mandloi #Repost #6thapril_2018 #1stsept_2020

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    तुम बिन

    तुम बिन सूना घर का आँगन,
    वो तुम्हारी हँसी की अठखेलियां और अल्हड़पन,
    साथ है बस यादों में मुझ संग,
    अचानक से हो गया सूना मेरे दिल का उपवन,
    जो तुम्हारे पास होने से था कभी रोशन,
    घर में तुम्हारी दस्तक की आहट से,
    प्रफुल्लित हो उठता था मेरा मन,
    वह मधुर स्वर में तुम्हारा मुझे "दीदी" कहना...
    अब भी करता है मेरे कानो में गुंजन,
    तुम बिन अब तो गुजर गये है ना जाने कितने सावन,
    तुम्हारे घर पर होने से महक उठता था,
    हर कोना जैसे हो चंदन,
    तुम्हारी मुस्कुराहट देख खुश हो जाती,
    मेरे दिल की धड़कन,
    विश्वास है मुझे तुम पर...
    नही छोड़ा मैंने उम्मीदों का दामन,
    तुम्हारी प्रतीक्षा में आतुर है ये व्यथित चितवन,
    अब केवल त्योहारों में ही होता है...
    तुम्हारा घर पर आगमन,
    तुम्हारे आगमन से पूर्ण हो जाता है अपना सदन,
    अनुपम है हमारा यह पावन अटूट बंधन,
    तुम्हारे जीवन के प्रत्येक नए मोड़ पर,
    साथ खड़ी है तुम्हारी बहन।

    ©Krati_Sangeet_Mandloi
    (6-04-2018)✍️
    (1-09-2020)

  • krati_sangeet_mandloi 7w

    #krati_mandloi #Repost #3sept_2018 #11thaug_2020 #janmashtmi

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    आप सभी को श्री कृष्णजन्माष्टमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं����

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    कान्हा से प्रीत

    कान्हा, तुमसे जो है प्रीत लगाई,
    मन ने है एक आस जगाई,
    कंठ को मेरे कर दो निर्मल,
    जिससे दूर हो सारी रुखाई।।१।।

    द्वेष और दोष से मुक्त कर दो,
    जिसने है तुमसे दूरी बढ़ाई,
    सामूहिक सागर में विलीन कर दो,
    जिससे दूर हो भ्रम की परछाई।।२।।

    प्रेम की परिभाषा हो तुम,
    जिसकी है अनंत गहराई,
    उस प्रेम के रंग में मुझे भी रंग दो,
    जिससे दूर हो ह्रदय पे जमी काई।।३।।

    हाँ, अज्ञानी हूँ मैं,
    नहीं है मेरे अंदर कोई चतुराई,
    वह ज्ञान भी कैसा,
    जिससे मैं तुम्हारी आवाज ना सुन पाई।।४।।

    मुक्त कर दो उन बंधनो से मुझे,
    जिससे करना पड़े मुझे तुमसे जुदाई,
    तुम्हारे बंधन में ही रखना सदा मुझे कान्हा,
    जिससे दूर हो मेरी सारी कठिनाई।।५।।

    ©Krati_Sangeet_Mandloi
    (3-09-2018)✍️
    (11-08-2020)

  • krati_sangeet_mandloi 10w

    गीत❤️

    आँसुओं की चाशनी में,
    घुल गए है गीत मेरे,
    तेरी यादों की वर्षा ने,
    भिगोया मुझे, मीत मेरे।

    अंतस की व्याकुलता में,
    अकथित स्वर गूँजने लगे,
    तेरे सपनो के मोती,
    कितने चित्र उकेरने लगे,
    प्रतीक्षा के आँगन में,
    होते रहे क्षण व्यतीत मेरे।।१।।

    आँसुओं की चाशनी में....

    आनंद मधुर बयार सी,
    स्पर्श तन को कर गई,
    स्मृतियों की महक तेरी,
    हृदय प्रेम से भर गई,
    पवन की हिलोर में,
    बहने लगे संगीत मेरे।।२।।

    आँसुओं की चाशनी में....

    विश्वास के साँचे में,
    अटूट बंधन ढलने लगा,
    तेरे सादेपन का रंग,
    ऋतुओं पर चढ़ने लगा,
    जुड़ते गए साथिया,
    तुझ संग प्रीत मेरे।।३।।

    आँसुओं की चाशनी में,
    घुलने लगे है गीत मेरे,
    तेरी यादों की वर्षा ने,
    भिगोया मुझे, मीत मेरे।

    ©Krati_Sangeet_Mandloi✍️
    (20-07-2020)

  • krati_sangeet_mandloi 10w

    ख़ामोशी की हालत में भी शोर मचाता रहा है दिल।
    अंधेरों से बगावत में भी चिराग जलाता रहा है दिल।।

    बिखरें हुए अरमानों को बटोर कर फिर से दोबारा...
    मुक़म्मल-ए-गुंजाइश के ख़्वाब सजाता रहा है दिल।

    बेवफ़ाई की नाकाम राहो से गुजरने के बाद भी...
    राह-ए-सफ़र में आहिस्ता कदम बढ़ाता रहा है दिल।

    महफ़िल-ए-हयात की झूठी शान-ओ-शौकत में...
    सवाली नज़रो से वहम का पर्दा हटाता रहा है दिल।

    नाउम्मीद के बावजूद निहाँ कहीं एक हिस्से में...
    मोहब्बत का एहसास भी तो कराता रहा है दिल।

    कसौटी की दहलीज़ पर परखा गया जो हर दफ़ा...
    उन लम्हो में भी ज़िंदगी को बसाता रहा है दिल।

    ©Krati_Sangeet_Mandloi✍️
    (16-07-2020)

  • krati_sangeet_mandloi 11w

    जीवन के पर्दे पर

    जीवन के पर्दे पर,
    हम तुम खेल रहे है,
    किरदार है यहाँ सभी के अलग,
    जिसमें रंग-बिरंगे रंग घुल रहे है,
    हर शख़्स की खास अदाकारी है इस पर्दे पर,
    जहाँ से उसके इम्तिहानों के दौर गुजर रहे है,
    कुछ इस किरदार की मोहब्बत में है,
    तो कुछ इस किरदार से ख़फ़ा है,
    कुछ इस किरदार के किरायेदार है,
    तो कुछ इस किरदार के वफादार है,
    सभी किरदारों का कलाकार है वो,
    जिस किरदार की अदाकारी में वफ़ा है,
    उस किरदार को उसकी रहमतों के तोहफ़े मिल रहे है ।

    ©Krati_Sangeet_Mandloi
    (23-02-2018)✍️
    {11-07-2020}

  • krati_sangeet_mandloi 12w

    गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं����


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    #krati_mandloi #5thjuly_2020 #gurupurnima #life

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    गुरु

    गुरु ज्ञान है, गुरु मान है,
    गुरु सत्य प्रमाण ।
    गुरु भक्ति है, गुरु शक्ति है,
    गुरु ईश का ध्यान ।।१।।

    गुरु तत्व है, गुरु महत्व है,
    गुरु समक्ष समाधान ।
    गुरु दानी है, गुरु विज्ञानी है,
    गुरु प्रकांड विद्वान ।।२।।

    गुरु मंत्र है, गुरु स्वतंत्र है,
    गुरु निहित उत्थान ।
    गुरु सहज है, गुरु उपज है,
    गुरु व्यक्तित्व निर्माण ।।३।।

    गुरु पूंजी है, गुरु कुंजी है,
    गुरु अमोल वरदान ।
    गुरु भाव है, गुरु छाँव है,
    गुरु संतुलन आह्वान ।।४।।

    गुरु ज्योति है, गुरु मोती है,
    गुरु दिव्य दीप्तिमान ।
    गुरु पवन है, गुरु मन है,
    गुरु अविरल वेगवान ।।५।।

    गुरु आदि है, गुरु अनादि है,
    गुरु सर्वस्व महान ।
    गुरु पवित्र है, गुरु चरित्र है,
    गुरु साक्षी निष्काम ।।६।।

    गुरु प्रेम है, गुरु क्षेम है,
    गुरु हृदय विद्यमान ।
    गुरु तुझमें है, गुरु मुझमें है,
    गुरु समदृष्टि समान ।।७।।

    ©Krati_Sangeet_Mandloi✍️
    (5-07-2020)

  • krati_sangeet_mandloi 13w

    आदिशक्ति माँ

    जय दुर्गे आदिशक्ति माँ,
    नमन करूँ बारम्बार,
    आदि अनंता शक्ति तुम्हारी,
    करो सबका उद्धार।

    करुणामयी माँ तुम हो भवानी,
    सब भक्तों की तुम कल्याणी,
    ममता की मूरत हो तुम न्यारी,
    दया, प्रेम अपार।

    भवभयहारिणी, कष्ट निवारिणी,
    असुर मर्दिनी, मंगलकारिणी,
    बढ़ी है नैया तुम्हारे सहारे,
    मैया, उतारो पार।

    दिव्य अलौकिक, रूप निराला,
    तुम सुरसुन्दरी, तुम हो शिवाला,
    आनंददायिनी, हे महादेवी!!
    तुम से सृष्टि श्रृंगार।

    आत्मविकासिनी कुंडलिनी माता,
    सब चक्रों की तुम हो विधाता,
    ज्योतित करना घट को मेरे,
    तुम ही मोक्ष आधार।

    ©Krati_Sangeet_Mandloi✍️
    (29-06-2020)