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  • kritikatripathi 44w

    तेरी यारी

    जमाना बिता उस वक़्त को गुजरे
    लेकिन आज भी वो लम्हा ताज़ा है,
    तेरे संग बिताये हर लम्हे को याद कर
    आज भी ये दिल मुस्कुराता है l

    कभी इन कंधो पर हमेसा तेरा हाथ होता था
    काम गलत हो या सही, उसमे तेरा साथ होता था l

    याद आती है आज भी उस याराने की बेशुमारी
    जब उड़ जाते थे हम साथ कही,
    चुरा के पापा की गाड़ी
    ना थी इन बदलते रिश्तो की खबर,
    ना कोई सर पे जिम्मेदारी
    पागलपन थी थोड़ी तोह थोड़ी थी ये आवारी
    मिली ना उस जैसी कभी, ऐसी थी अपनी यारी l

    तेरी रोशनी से भरी इस जिंदगी मे जब भी अंधेरा आएगा
    एक बार बस याद कर के देखना,
    अपने बगल तू मुझे खड़ा पायेगा
    इस अविराम जिंदगी मे जब भी तू याद आएगा
    बेशक़, होठो पे मुश्कान और हवा मे हाथ छोड़ जायेगा
    ये यकीन है मुझे, वो सवेरा जल्द ही आएगा
    जब खुदा हमें एक बार फिर से मिलाएगा l
    ©kritikatripathi