kvwithyou

www.instagram.com/kv_withyou/

Author of unpublished manuscript(s)!

Grid View
List View
Reposts
  • kvwithyou 1d

    Revised Fundamentals

    Wealth creation is not the problem.
    Greed cultivation is!
    ©kvwithyou

  • kvwithyou 3d

    इतने सिरे खुल गये हैं ज़िंदगी के धागों के,
    के वक्त, रिश्ते, सपने, रास्ते, जरुरते, ख्वाहिसे,
    सब उलझते ही जा रहे हैं।


    ©kvwithyou

  • kvwithyou 1w

    Contribution Portfolio

    ©kvwithyou

  • kvwithyou 1w



    .
    ©kvwithyou

  • kvwithyou 1w

    रुका नहीं हु चल रहा हू मैं,
    धीरे धीरे बढ़ रहा हू मैं,

    लक्ष्य पर्वतों से उच्चे हैं,
    तो रास्ते भी खूबसूरत हैं,
    अपनी मंज़िल पढ़ रहा हू मैं,
    धीरे धीरे बढ़ रहा हू मैं।
    ©kvwithyou

  • kvwithyou 2w

    कान

    ज़ुल्म की इंतिहा हो गई इस जलेबी से कान पर,
    चस्मा, मस्क जनेऊ आदि
    सब कुछ इस पर टांग कर।

    पहले से ही बोज़ काफी था नाजुक से कान पर,
    और भर दिया छेद देखो
    तोला भारी जूमका टांग कर।

    किसी को पता हो तो दाल दे ये बात मेरे कान पर,
    टीचर, पत्नी गर्लफ्रेंड आदि
    क्यों कहेती है के कान पकड़ कर ही माफी की माग कर?

  • kvwithyou 2w

    .

  • kvwithyou 2w

    By unknown writer

    Read More

    Letters from Kargil

    .

  • kvwithyou 2w

    Titles pending

    Read More

    एक अजीब सी बेचैनी हैं,
    कुछ कर गुजरने की,
    इस ऊर्जा का सोत्र जंहा भी हो,
    आभार!

    एक गुज़ारिश भी करनी हैं,
    ऐसा रोज करने की,
    इस तरह शुरू हो, जहां भी हो,
    मेरी सवार!

    ©kvwithyou

  • kvwithyou 2w

    Stitch

    The weaver with tattered pockets,was stitching words, composing a melody.
    Suddenly, the needle of rhymes touched the weaver and tear dropped from his eyes.
    The scars were colourful.
    ©kvwithyou