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  • lazybongness 13h

    समझ जा इन्सान के मत बन मुर्ख,
    दशा बहुत ही यहां नाजुक,
    महामारी नहीं, काल है
    हमसे पनपा यह मलाल है।

    क्यों साल बना खुद पर सवाल है!
    जिंदगी अब sanitizer, दूरी और रूमाल हैं।
    अगर ना बदलेंगे अपना नज़रिया
    इन्सान और इंसानियत का कत्लेआम है।

    अगर ना रोकेगा तु पर्यावरण से खिलवाड़
    धरती का समतोलन जाएगा, बिगाड़
    फिर देखना प्रलय का कोहराम
    बचा नहीं पाएगा कोई भी आह्वान

    अत: पर्यावरण का संदेश समझ
    संतुलन से निभा फर्ज
    अपने अंदर का प्रकाश ढुंढ
    सचेतन ज्ञान ही अमृतकुंड
    ©️lazybongness

    #abhivyakti46
    @mirakee @rnsharma65 @vaishally @goldenwrites_jakir @reenu312

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    ललकार रही है, कोरोना कैसा परिहास है,,...
    देख मनुष्य तु कितना निरर्थक और कमज़ोर है।
    ©lazybongness

  • lazybongness 15h

    जीवन में त्याग रूपी मंत्र का होना अनिवार्य है।
    इसके जाप से मनुष्य जीवन में सुख, शांति और महान बने रहने का
    ज्ञान छूपा है।
    त्याग और बलिदान की भावना देश के प्रति होना चाहिए।
    साथ ही जीवन में परिवर्तन और परिस्थितियों के अनुसार त्याग का पालन करना चाहिए। #prayasss15

    @mirakeeworld @govinda_bag @goldenwrites_jakir

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    #prayasss15

    लोभ रूपी विलास मार्ग
    मन के भीतर ख्वाहिशों का चिराग
    कष्ट रूपी उलझनों का अनुराग
    बलपूर्वक प्रेम पाने का पराग
    सरल मार्ग का अनुभाग
    दोषपूर्ण युक्ती भरा प्रयास
    द्वन्द पीड़ित मनोभाव रूपी अग्रभाग
    बनावटी, छल , झूठ रूपी अंगराग
    कर अंहकार का परित्याग

    इन छोटे छोटे प्रयत्न से मनोबल बढ़ेगा,
    आदर्श एवं आंनद चित सैदव रहेगा।
    ©lazybongness

  • lazybongness 16h

    हास्यप्रद यह style मुझे नहीं आता परंतु #umeed18 के चलते मैंने कोशिश कर ही ली। गलती हो तो माफ कीजिएगा। ����

    #Umeed18

    आजकल मुस्कुराने की जद्दोजहद है,
    क़ैद जिंदगी में झगड़े बहुत है।
    बर्तनों सी हो गई है जिंदगी,
    बस, साथ साथ बजे जा रहें हैं।

    मोबाइल बन गए हैं गुरुदेव
    Online पढ़ाई और दफ्तर live है,
    जिंदगी की रफ्तार बनी सुस्त और अछेव
    बीत रहा जीवन बिना कोई ऐब।

    पशु- पक्षी खुलेआम वितरण कर रहे हैं,
    हमें देख मंद - मंद मुस्कुरा रहे हैं।
    मन ही मन हमें कोष रहे है,
    और मनुष्य बस अफसोस जता रहे हैं।

    फिर भी घर - घर पकवान बन रहें हैं
    त्यौहार बिना शौक पूरे हो रहे है,
    जायकों में डूबी जिंदगी देखो,
    धराधर लुफ्त उठा रहे हैं।

    फरमाइशों की कड़ी चालू है
    रसोईघर अब मायानगरी है,
    पति- बच्चों के बीच में
    "हम" नारी कितनी परेशान हैं।

    है! ईश्वर ! सब ठीक कर दो
    कोरोना का बला टाल दो,
    घर के व्यवस्थित जीवन को
    थोड़ा खानाबदोश कर दो।

    ©️ lazybongness

    @mirakeeworld @prakashinidivya @goldenwrites_jakir

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    ख़त्म हो जल्दी यह दौर, यही आरज़ू है,,
    घरेलू कामकाज से ऊभरूं, यही ज़ुस्तज़ु है।

  • lazybongness 18h

    शब्दों को ढुढने में लगा हुआ है दिल आजकल,
    जो किताबों में नहीं मिलते।
    ©lazybongness

  • lazybongness 1d

    #Abhivyakti45
    @mirakee @soonam @neha_ek_leher @goldenwrites_jakir @jiya_khan @govinda_bag

    मैं भारत का वासी हूं, माटी की पैदायशी हुं।
    यह जन्मभूमि है वीर जनों की, अनेकता में एकता की।
    इसका इतिहास पुराना है, समस्त संसार में बोलबाला है।
    अनूठे संस्कारों का स्त्रोत है, यह रहा प्रतीक अमनजोत है।

    इसी मार्ग को सींच आगे ले जाना है...
    हमें साक्षरता से मशाल जलाना है।
    हर घर में हो शिक्षा, रोजगार, खुशियांली
    नई सोच , नए विकास की हो प्रणाली।
    बदलाव ऐसा हर आम बने बाहुबली,
    विकसित दिखे, हर गांव, शहर, गली।

    लेना है शपथ अग्रसर देश के प्रति कर्तव्य का,
    छोटा प्रयास हो निरंतर वृद्धि और प्रगति का।
    स्वतंत्र छवि मशाल जले, प्यारा भारत आगे बढ़ाता चले।

    ©️ lazybongness

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    भारत की ख्याति लौट कर आएंगी,,
    फिर से स्वर्णिम भारत कहलायेगी ।
    ©lazybongness

  • lazybongness 1d

    Ek koshish ki hai asha hai aap sabko pasand aayegi.

    बहुत खेला हमने स्वार्थीपन का खेल
    अब प्रकृति हो गई देखो गुस्सैल,
    जहां कभी हवा, पानी थी तरोताजा
    अब हर मोड़ पर इंतेज़ार करती है कज़ा। (मृत्यु)

    देखो मनुष्य की दशा , खो रहा अपना दरजा,
    प्रकृति ने जो ठानी है, देने को सज़ा।
    हमसे ही शुरूआत हुई, बरबादी का मंजर,
    जबसे बनी प्लास्टिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग।

    हां! चारों तरफ प्रदुषण का प्रचलन है,
    प्रकृति, जीवन, किरदार सब विचलित है।
    न संभलें 'हम' तो पतन अनिवार्य है,
    क्योंकि प्रदुषण हमें दे रहा चुनौतिया है।

    रोकना होगा हमें इनका दुरुपयोग, यही एकमात्र सत्य है।
    प्लास्टिक, पोलीथीन, वायु , जल और पेड़ों का,
    अगर देखना हमें अपने बच्चों का भविष्य हैं।
    ©️ lazybongness

    @mirakeeworld @meri_diary_ @neha_ek_leher @goldenwrites_jakir
    #Prayasss14 #pollution #hindii

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    इन्सान : कभी स्वचंछद होकर मैंने मचाया था " स्वांग " ।
    प्रकृति : अभी बंधी बनाकर तुझे कर रही, मैं "व्यंग" ।
    ©lazybongness

  • lazybongness 2d

    ख्वाहिशों का मत पूछो, कैसा तकाज़ा है,,
    हर इन्सान दुनिया में अपने कैसे उलझा है!
    ©lazybongness

  • lazybongness 2d

    #prayasss13

    धोखा वह उल्लंघन है जो किसी भी संबंध में अविश्वास को जन्म देती है। वैसे तो मनुष्य ज्यादातर आशावादी होता है परन्तु जब जब विश्वासघात को चखता है वह खुद में थोड़ा थोड़ा संकुचित होता जाता है। वह अपने-आप को बनावटी खांचे में कैद बंद कर देता है।
    नुकसान पहुंचाने का और अपने बचाव का ख़ुद जरिया ढुंढता है।
    और इसी बचाव के उधेड़बुन में वह भी झूठ को पनाह देता है।

    संसार का मतलब ही मोह माया है और इस मोह माया तले लाखों ऐब महफूज है। छल, कपट, धोखा , फरेब , झूठ, छिपाना, आन्तरिक दुष्कर्म भावनाएं।

    यह निम्नलिखित भावनाएं हर व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी रूप में विद्यमान है, या छाप छोड़ने में सफल है।

    @mirakeeworld @neha_ek_leher @anantsharma_ @goldenwrites_jakir @harish8588

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    साहब! हर जगह देखो, बस तड़प सी है ...
    जिंदगी में, धोखा - ए बनावटी मुस्कान
    कितनी आसान सी है।
    ©lazybongness

  • lazybongness 2d

    #Umeed16
    Waise to Deewar tarah tarah ke hote hai.
    Kuch dekhte hai hamare makano mein, rashto k kinaro mein. Yeh hame surakshit rakhte hai.
    Par jab दीवार ना दिखे , बस अनुभव हो, तब क्या किजिए??
    जो दीवार समझ में आए पर दिखे ना उन दीवारों में छूपी होती है खामोशियां, अनकही दुरियां , स्वार्थ पन इत्यादि।
    Aur inn दीवारों ka pnapna kishi bhi rishton ke tutne ki aagaz hai. Inka girna bahut mushkil hai.

    @mirakee @dil_k_ahsaas @goldenwrites_jakir @piu_writes @rnsharma65
    #umeed16

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    हां, मोहब्बत है अभी बाक़ी पर ख़ामोशी ज्यादा है ,,...
    हम दोनों के बीच अब, एक धुंधली सी दीवार है!!
    ©lazybongness

  • lazybongness 2d

    Collab with @piu_writes ma'am ������
    #sayari #love #sad #hindiwriters

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    तुम्हारी हर सोच में "मैं" रहूं , यही फ़रियाद है ...
    वरना इस जालिम दुनिया में मोहब्बत की क़दर कहा है!
    ©lazybongness