leeza18

Poetess /Teacher/Learner/ Dreamer/ Observer

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Reposts
  • leeza18 4w

    Jai shree krishna madhav dear mirakee friends ��❤️��
    #poetry #inspiration #love #thoughts #love #poetry #thoughts

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    कुछ यूं मुकाम है तेरी मोहब्बत का
    मेरे दिल में इस कदर,
    कि नाकाम हूं इस ज़माने में मैं हर तरफ..!!

    मेरे कान्हा

    ©leeza18

  • leeza18 11w

    क्या बतलाए दिलों की दास्तां,
    क्या कहें, क्या रखा है दिल के फसानो में
    बस यूं समझलो कि
    इक अदद ज़माना सा लगा,
    हमें जी भरकर मुस्कराने में..!!
    ©leeza18

  • leeza18 12w

    उम्मीद पर ही दुनिया कायम है#sunday_inspiration
    Good morning friends ����❤️������ #inspiration #thoughts #life #poetry

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    क्या जरूरी था,सीने के ज़ख्मों की नुमाइश करना
    गर ज़रूरी मुझे, ये वक़्त-ए-आजमाइश ना होता..

    रह जाती मेरी दिल की हर अधूरी ख्वाहिश यहां
    जो चला ये दौर ज़िन्दगी की अज़ब फरमाइशों का ना होता

    सीख रहे थे हुनर हम भी ज़िंदा रहने का यहां,
    पैदाइशी तो हर कोई दुनियादारी में माहिर नहीं होता

    ना टूटती हर पल जीने की आस मिरी,
    गर ऐतबार इस नादां दिल ने, किसी ऊपर ना किया होता

    हुए बेवजह ही एहसान-फरामोश ये जज़्बात मेरे,
    करते ना बगावत, जो सीने में मैंने ज़िंदा इन्हे दफ़न किया होता

    ना उम्मीदी के भंवर में डूबता, उतराता ये उम्मीदों का जहां मेरा,
    सोचता होगा शायद, सामने लड़ख़ड़ाता हुआ नन्हा चिराग रोशन

    तमाम रात जलने के बाद बुझा तो भोर के उजियारे में होगा..!!

    ©leeza18

  • leeza18 14w

    मुस्कराते है आजकल हम महफिलों में इस कदर,
    कि अब तो मिरे गम भी कहीं तन्हां,उदास नजर आते हैं

    ना हो शिकायत गमों को कहीं तन्हाई और रुसवाई की
    इसलिए सबसे छिपाकर,चुपके से बेबसी के आंसू बहाते हैं

    ये दौर-ए- मुफलिसी का चला है साहब मेरी,
    अब तो मुझे हर अमीर शख़्स बड़े इज्ज़तदार नजर आते हैं

    या चली है शायद वक़्त ए- आंधियां जनाब कोई, जो
    हर तरफ मेरे आशियां के परखच्चे उड़े नजर आते है..

    क्या करें बयां हर किसी से हम अपनी बेबसी का किस्सा,
    जब सुनने वाले ही इत्मीनान से "मेरे हाल से बेफिक्र" नजर आते हैं

    जतला रहे है हम पर इक-इक एहसान का वो कर्ज, और
    मेरे कर्ज भी उनके रहमो-करम के लिए बेकरार नज़र आते हैं

    कर लिया किनारा हमसे हर सुकूं और खुशी ने
    कि अब तो हर किसी की नज़रों में हम खतागार नज़र आते है

    जी भी लेते हम चंद रोज़ खुशी के यहां,
    पर ये मेरे दोस्त ही हैं, जो मेरी मौत के तलबगार नज़र आते है..!!
    ©leeza18



    #poetry #life #sad quote

    #mirakee#writersnetwork#soulwriter

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    मुस्कराते है आजकल हम महफिलों में इस कदर,
    कि अब तो मिरे गम भी कहीं तन्हां,उदास नजर आते हैं

    ना हो शिकायत गमों को कहीं तन्हाई और रुसवाई की
    इसलिए सबसे छिपाकर,चुपके से बेबसी के आंसू बहाते हैं

    ये दौर-ए- मुफलिसी का चला है साहब मेरी,
    अब तो मुझे हर अमीर शख़्स बड़े इज्ज़तदार नजर आते हैं

    या चली है शायद वक़्त ए- आंधियां जनाब कोई, जो
    हर तरफ मेरे आशियां के परखच्चे उड़े नजर आते है..

    क्या करें बयां हर किसी से हम अपनी बेबसी का किस्सा,
    जब सुनने वाले ही इत्मीनान से "मेरे हाल से बेफिक्र" नजर आते हैं

    जतला रहे है हम पर इक-इक एहसान का वो कर्ज, और
    मेरे कर्ज भी उनके रहमो-करम के लिए बेकरार नज़र आते हैं

    कर लिया किनारा हमसे हर सुकूं और खुशी ने
    कि अब तो हर किसी की नज़रों में हम खतागार नज़र आते है

    जी भी लेते हम चंद रोज़ खुशी के यहां,
    पर ये मेरे दोस्त ही हैं, जो मेरी मौत के तलबगार नज़र आते है..!!
    ©leeza18

  • leeza18 16w

    आंसू निकाल आए, तो खुद पोंछिएगा
    लोग‌‌ आऐंगे तो‌ सौदा करेंगे
    ©सलीम खान
    इन्हीं lines पर आधारित ये रचन है।
    और ज़िन्दगी कि सच्चाई भी, शायद आपको भी कभी ऐसा कुछ अनुभव हुआ होगा?

    कभी कभी कुछ करीब लोग पहचान में आ ही नहीं पाते..!!

    "मिलते है लोग कुछ ऐसी अय्यारी से
    कि जैसे जन्मों से नाता हो उनका मक्कारी से।
    जुबां शहद सी रखते मीठी निभाते रिश्ते मिलनसारी से
    मौका मिलते ही करते पलटवार बड़ी ही सावधानी से
    दूर रहना ही होता इनसे बेहतर पर बच ना पाए
    हम इनकी झूठी शातिर दिलदारी से।
    ©leeza 18
    #poetry #life

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    ना बता रंज-ओ-गम इस ज़माने को,
    कि आऐंगे लोग सुनने, और तेरे अल्फ़ाज़ छीन लेंगे

    ना दिखा अपने आंसू इस कदर इस दुनिया को
    कि आऐंगे लोग आंसू पोंछने, और रुमाल की कीमत वसूल लेंगे

    ना मुस्करा आज तू इतना,,जल उठेगा ज़माना तेरी हर खुशी से
    और बनके ये बेरहम, कल तेरे होंठो से मुस्कान छीन लेंगे

    ना जता तू इतनी मोहब्बत, इन मिट्टी के बुतों से
    कि ये बनाकर तुझे तन्हां, कहीं वीरां में छोड़ देंगे

    ना बना तू अपना खुदा, इन इंसानों की बस्ती में से
    कि बनके ये तेरे अपने, तुझे गैर ही लूट लेंगे

    ना करना तू भरोसा, उस खुदा के सिवा किसी पर
    कि ये तेरे दोस्त ही हैं,जो पीठ में तेरी खंजर घोंप देंगे

    ना जाने क्यूं कहते है, इनको हम "आदमी"
    जब बनके ये इंसा जानवरों से, इंसानियत छीन लेंगे..!!

    आज हूं मैं हैरान और परेशां, कि रुलाके तुझे बेबसी के आंसू
    क्या तुझसे तेरे "खुदा की सरपरस्ती" का ये ताज छीन लेंगे..!!

    ©leeza18

  • leeza18 16w

    #good morning dear friends������������❤️
    #pesh hai fir se ek Mohabbat bhari dastan
    #ishq#sad quote #mirakee#writersnetwork#soulwriter #love #poetry

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    फिर कुछ टूटा है भीतर, फिर कुछ बिखरा है अंदर
    उतरा दिल के प्रांगण में अमावस का अंधियारा,
    हुआ जगमग दीपों से रोशन बाहर का मंजर,
    समेटे आंचल में दिल के टुकड़े, चुभते कुछ बातों के नश्तर
    दबाया दिल में शोर उन लम्हों का,चीखते रहते जो कानों में अक्सर
    उठा धुआं, जला कहीं, सजाया था जो मैंने अपने ख्वाबों का मंदिर
    छुड़ाया दामन अश्कों ने अखियों से प्यारा,लगे बहने वो भी पल भर
    कोहरा गहरा है रहा,यादें कुछ धुंधला सी रहा,इक शोर है उठा,
    और आया"याद" वो जमाने भर का"बतियाना"तेरे सीने से लगकर
    ये रात वीरान" कुछ यूं चल सी रही, महफ़िल यादों की जम सी रही
    एक एक करके आने लगे,सीने से बाहर गम सभी निकल कर
    "तन्हाई"शिकायतें करने लगी, रात भर,रुसवाई वे करती रही,
    आज फिर रोई मोहब्बत, जी भरके, तन्हा कहीं सबसे छिपकर..!!
    ©leeza18

  • leeza18 17w

    मैं तुमसे ना बात करूंगी सजन
    मैं तुमसे अब रूठ जाऊंगी
    दिलाया नहीं तुमने कान का झुमका
    अब मैं तुमको खूब सताऊंगी..
    जाओ जी जाओ, हम ना मानेगे.
    रूठे रहेंगे तुमसे मेरे काजल और बिंदिया
    ना छनकेंगे पायल के घुंघरू,ना ही मैं कंगन खनकाऊंगी
    तुमने मुझको खूब सताया,तुम्हारी बातें ना मैं अब मानूंगी..
    कर्णफूल मोहे खूब भाया,बैरी पिया तुमने ना वो दिलवाया
    फूलों से करके मैं अपना सिंगार
    ना अब तुमको रिझाऊंगी..
    सून पड़े मेरे हार और श्रृंगार
    प्रेम गीत मैं ना गाऊंगी..
    पर दिलवा दो जो तुम मोहे सोने का हार,
    फिर मैं शायद मान ही जाऊंगी..

    Good morning dear mirakee friends��������

    एक प्रेम भरी शिकायत अपने पिया से
    हास्य व्यंग के रूप में,
    सत्य घटना पर आधारित������उम्मीद है आप सबको पसंद आएगी #love #poetry

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    झुमका

    ©leeza18

  • leeza18 18w

    बनकर मेरी राहों में फूल, खिल जाओ ना
    इंतज़ार में हूं मैं, कबसे तुम्हारे
    आ जाओ पास, क्यूं दूर हैं हम,

    जैसे सागर से दूर रहते है किनारे
    जैसे संग-संग चलती है रेल की पटरियां
    ऐसे तकती है तेरा रास्ता, मेरी ये अखिया

    तुम मिल जाओ ना मुझे..
    कब से पुकार रही हूं मै तुझे
    बनके मीत मेरे, पास रह जाओ ना

    वक़्त की सेहरा पर ठहरा है ये आंसू का दरिया
    पल पल बीत रहा, हर वो लम्हा
    गुज़रा तुम संग जो, बनके ओ मेरे रसिया

    तुम अब मिल जाओ ना..

    देखो मुस्कराकर यूं दिल जलाओ ना
    छुपाया कब से दिल में हमने तुम्हें
    अब बनके "हमदम", तुम भी हमें दिल में समाओ ना..!!






    #tum mil jao na#yq collab topic #hope u like it friends������❤️
    #mirakee#soulwriter#writersnetwork

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    तुम मिल जाओ ना

    बनकर मेरी राहों में फूल, खिल जाओ ना
    इंतज़ार में हूं मैं, कबसे तुम्हारे
    आ जाओ पास, क्यूं दूर हैं हम,

    जैसे सागर से दूर रहते है किनारे
    जैसे संग-संग चलती है रेल की पटरियां
    ऐसे तकती है तेरा रास्ता, मेरी ये अखिया

    तुम मिल जाओ ना मुझे..
    कब से पुकार रही हूं मै तुझे
    बनके मीत मेरे, पास रह जाओ ना

    वक़्त की सेहरा पर ठहरा है ये आंसू का दरिया
    पल पल बीत रहा, हर वो लम्हा
    गुज़रा तुम संग जो, बनके ओ मेरे रसिया

    तुम अब मिल जाओ ना..

    देखो मुस्कराकर यूं दिल जलाओ ना
    छुपाया कब से दिल में हमने तुम्हें
    अब बनके "हमदम", तुम भी हमें दिल में समाओ ना..!!

  • leeza18 19w

    वक़्त का तकाज़ा भी मुझसे कुछ खूब ही रहा,

    बस कुछ मुस्कुराहटें, और चंद फुरसत की शामें..

    मेरी उस पर उधार सी रही..!!

    ©leeza18

  • leeza18 20w

    "देखो मुझे"

    इक नज़र भरके सनम कभी हमें भी "तुम"
    कि प्यासी अखियां,तुम्हें देखने को छलक रही
    इंतेज़ार में तुम्हारे, मेरी ये सांसें धड़क रही..

    जानो ना सनम,जरा करीब से हमें
    कि अनजान से बने, इस प्यार की राह पर हम
    जानकर इक दूजे को, मिलकर बांटे "खुशियां और गम"

    समझो ना, अपने दिल से कभी तुम भी हमें
    कि ख्याल हमारे कुछ उलझे-अनसुलझे से हैं
    सुलझाओ ना उन्हें तुम, बनी चाहत में जो गुंजले सी है..

    बन जाओ ना "मेरे हमदम", ओ प्रीत मेरे
    कि ये ज़िन्दगी तुम बिन अधूरी सी है
    पाकर तुम्हें, "हमारे साथ" की परिभाषा फिर पूरी ही है.!
    ©leeza18

    #mirakee#writersnetwork#soulwriter#yq collabtopic

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    देखो मुझे
    ©leeza18