maakinidhi

august5�� spread love....u will get it doubled in the end❣️

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  • maakinidhi 1d

    #i just write what you feel❣️❣️☺️����������������������������������������

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    जिंदा रखना

    जिंदगी हर कदम पे इम्तिहान लेती है!
    रख सको तो जीने का हौसला रखना!

    बूंदों की नहीं आफतों की बारिशों में!
    हिम्मत न हारने का सिलसिला रखना!

    मंजिलों को खुद ही हो तलब तुम्हारी!
    कोशिशें इस कदर हर लम्हा रखना!

    छोड़ दोगे जिस दिन अहमियत देना!
    ये दुनिया तब ही चाहेगी वास्ता रखना!

    दिल में सारे जख्म दबा लेना चाहे!
    दिल में बचपन को कहीं जिंदा रखना!

    जब कोई भी साथ नहीं देगा ना!
    तो हाथ पर हाथ खुद का रखना!

    जिसकी जिंदादिली की मुश्किलें हों मुरीद!
    हर सूरत में खुद को इंसान उम्दा रखना!

    बेफिक्र रहना दुनिया की सियासतों से!
    खुद को खुदा की नजर में पाकीजा रखना!

    एक जिंदगी इंसा की किस्मत से मिली है!
    इंसानियत को फक्र हो वही,फिजा रखना!
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 2d

    #abhivyakti82@rnsharma65...sir����☺️☺️❣️❤️

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    Happy daughters day

    घर में उगी हुई तुलसी सी पवित्र!
    गंगाजल सा निर्मल दृढ़ चरित्र!
    मां-पिता के सम्मान की वाहक!
    जिनका विछोह है हृदय-विदारक!

    वो होती हैं बेटियां!

    घने अंधेरे में आशा की किरण!
    आहत मन पर कोई मरहम!
    घर में जो रौनक का आलम!
    चहचहाती चिड़ियों की सरगम!

    वो होती हैं बेटियां!

    बेटे समझ लेते हैं शब्द मां-पिता के!
    पर बेटियां मन का हाल समझ जाती हैं!
    सबको संतुष्ट रखने में जीवन भर ही!
    कर्तव्यों की ही भेंट सदैव चढ़ जाती हैं!

    वो होती हैं बेटियां!☺️☺️❣️❣️

  • maakinidhi 1w

    #abhivyakti81@journey_of_life
    सब कुछ पाने के बाद भी वह ढूंढती है जो एक कोना सुकून का..... तुम वही तो हो☺️❤️❣️

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    धर्मपत्नी

    अर्धांगिनी तुम्हारी जो साक्षी मानकर ईश्वर को!
    सात फेरों में मांग लेती है साथ तुम्हारा!
    और चल देती है उस अंजान सफर पर!
    जहां का परिवेश बिल्कुल नया है उसके लिए!
    जब सबको खुश रखने की कोशिश करती है!
    तब आधार तुम्हीं तो होते हो!
    जब तुममें ही अपना अस्तित्व तलाशती है!
    उसका श्रृंगार तुम्हीं तो होते हो!

    और तुमसे अपेक्षा करती है केवल प्यार और सम्मान की!
    छोटी-छोटी खुशियों में खुश होना जानती है वो!
    तुम्हारी एक मुस्कान पर न्यौछावर हो जाती है!
    और करती है हर संभव प्रयास उसे बनाए रखने का!
    उसको सिर्फ आपके साथ का विश्वास ही तो चाहिए!
    फिर तो वह स्वयं ही काफी है हर एक मंजिल पाने को!

    वह चाहती है कि चाहे कितनी भी ऊंची हो उड़ान उसकी!
    वापस जब भी लौटे तो उसका धरातल आप ही हों!
    एक सामान्य सी ख्वाहिश है उसकी एक सुखद जीवन की!
    चाहत है उसकी कि उसके जीवन के कर्णधार आप ही हों!
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 1w

    Abhivyakti77

    आज दिये गये शीर्षक पर आप सभी की उत्कृष्ट रचनाएं मुझे पढ़ने का सुअवसर प्राप्त हुआ!
    सभी रचनाकारों ने बहुत ही खूबसूरत लेखन कार्य किया है!
    आशा है कि आप इन बातों को अपने जीवन में भी अवश्य अनुसरण करेंगे क्योंकि एक सुंदर आचरण करने वाला व्यक्ति ही एक सुंदर समाज की आधारशिला रखता है!
    सभी को सप्रेम बहुत बहुत धन्यवाद ☺️❤️
    आगे की श्रृंखला को आगे बढ़ाने के लिए मैं@sparkling_ sis का चयन करती हूं!इनकी रचना बहुत ही मरमस्पर्शी है!

    आशा है कि जैसे आप सभी ने मेरा साथ दिया है वैसे ही मेरी बहन का भी साथ देंगे!
    पुनः एक बार आप सभी का तहेदिल से धन्यवाद करती हूं !☺️❣️❤️
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 2w

    #abhivyakti76....part3����❤️❤️

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  • maakinidhi 2w

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  • maakinidhi 2w

    #abhivyakti76
    हंगामा खड़ा करना,मेरा मकसद नहीं हरगिज!
    मेरी ख्वाहिश है कि अब ये सूरत बदलनी चाहिए!����❣️❣️

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  • maakinidhi 2w

    Abhivyakti 76

    मुझे आज @rnsgarma65...sir द्वारा आदेशित किया गया है कि अभिव्यक्ति ७६ का संचालन मुझे करना है.... अतः उनकी आज्ञा को शिरोधार्य करते हुए मैं आज आप सभी को शीर्षक देकर लेखन हेतु आमंत्रित करती हूं!
    आशा है जिस प्रकार आप सबने अब तक मुझे हमेशा ही अपना अमूल्य सहयोग प्रदान किया है....आगे भी करेंगे!
    आज का शीर्षक कुछ ऐसा है जो आप सभी ने अपने जीवन में कभी न कभी अवश्य अनुभव किया होगा... कोई भी व्यक्ति जो मध्यम आयु में है...दो पीढ़ियों को अवश्य जानता है...एक जो उसने अपने पूर्वजों में देखी है....और दूसरा जो अपनी संतानों में या आने वाली भावी पीढ़ी में देख रहा है!
    जीवन में जब भी कुछ ऐसी समस्या होती है जिसमें दो पीढ़ियों की मानसिकता का टकराव हो तो अनायास ही मुंह से निकल जाता है कि generation gap है.…... आखिर क्या है ये पीढ़ियों का अंतर और यह कैसे समस्या की जड़ बन जाता है....क्यों कई बार माता -पिता अपने मन‌ की बात बच्चों से कहते- कहते कुछ सोचकर रुक जाते हैं?
    जानती हूं शीर्षक अच्छा लगा आप सभी को... फिर देर किस बात की?
    कलम उठाइये और लिखना प्रारंभ कीजिए!
    इस बार भी अप्रतिम और उत्कृष्ट रचनाओं की प्रतीक्षा में!


    शीर्षक__________ अंतर पीढ़ियों का!
    धन्यवाद ☺️❤️
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 2w

    #abhivyakti75@rnsharma65....sir����

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    बाल विवाह

    एक छोटी सी गुड़िया!
    जिसके हाथ में थी एक और गुड़िया!
    तैयार हो रही थी खिलखिलाते हुए!
    उसे बताया गया था शायद कि !
    जैसे वो रोज अपनी गुड़िया को!
    तैयार करके उसकी शादी रचाती है!
    एक गुड्डे के साथ जो राजकुमार सा!
    सफेद घोड़े पर बैठकर आता है!
    वैसे ही आज भी एक खेल खेलना है!
    जिसमें उसे बनना है दुल्हन !
    और शादी करनी है अपने राजकुमार से!

    इसीलिए शायद आज वो गुड़िया इतनी खुश है!
    उस मासूम कली को तो पता ही नहीं है कि उसे!
    खिलने से पहले ही तोड़ने का इंतजाम किया गया है!
    नहीं जानती है वो कि गहने भी कभी बेड़ियां हो जाते हैं!
    उसे जरा भी इल्म नहीं कि जीवन कौन सा मोड़ ले रहा है!
    काश! वह जान पाती कि ये कोई दो पल का खेल नहीं!
    एक सौदा सा है उसकी खुशियों उसकी तरक्की का!
    जहां उसकी सोच को पनपने से पहले ही रौंदा गया है!

    हे विधाता!
    बड़ी मुश्किल से जन्म ले पाती हैं बेटियां!
    इन कलियों को खिलने देना प्रभु!
    सद्बुद्धि देना हर बेटी के मां पिता को!
    कि आंगन की चिरैया को पंख खोल उड़ने दें!
    उसे खुली आंखों से सपने देखने और उनको!
    पूरा करने का भी आत्मविश्वास दें!
    कभी कोई बेटी इन कुरीतियों की भेंट न चढ़े!
    कभी कोई वनिता तकलीफ़ में न हो ईश्वर!
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 2w

    नफरतें

    जाने क्यों आजकल दिलों में ऐसे समाई हैं नफरतें!
    चाहतों को कहीं पीछे छोड़, खुद पे इतराई हैं नफरतें!

    समझाना चाहते हैं सब,समझना चाहता ही नहीं कोई!
    शायद इसीलिए रिश्तों में अब गहराई हैं नफरतें!

    कुछ तुम समझ लो तो कुछ मान जाऊं मैं भी फिर!
    अहम की जिद से कभी क्या हार पाई हैं नफरतें?

    जिसने खुद से पहले हमेशा दूसरों को रखा है!
    सैलाब ने प्यार वालों के ही,मिटाई हैं नफरतें!

    समझ सको तो समझ लेना बात इशारों में कह दी है मैंने!
    जिनको मतलब सिर्फ खुद से, उन्हीं की फैलाई हैं नफरतें!
    ©maakinidhi