mai_nishabd_naman

life is Suffering....

Grid View
List View
  • mai_nishabd_naman 14w

    एक की गम के आँसू अभी सूखे भी नहीं थे,कि खबर आया एक और गुज़र गया...

  • mai_nishabd_naman 15w

    सोचे थे इस बार जान लगा देंगे, और देखिये बात जान पर ही आ गई ✍
    ©mai_nishabd_naman

  • mai_nishabd_naman 19w

    i believe in Newton
    i believe in constitution
    and i believe, there are few things
    i May not believe though it happens...
    ©mai_nishabd_naman

  • mai_nishabd_naman 19w

    हाय, मर जायेंगे हम तो लुट जायेंगे
    ऐसी बातें किया न करो
    तुम ही सोचो ज़रा, क्यों न रोकें तुम्हें?
    जान जाती है जब उठ के जाते हो तुम
    तुमको अपनी क़सम जान-ए-जाँ
    बात इतनी मेरी मान लो
    आज जाने की ज़िद्द न करो

  • mai_nishabd_naman 19w

    इक्कीस दिन वाले नियम समझो,अपने प्रकृति को सुधारो
    वर्ना यूँ दुबक कर तुम प्रकृति से कब तक बच जाओगे?

  • mai_nishabd_naman 19w

    यूं ही बे-सबब न फिरा करो,
    कोई शाम घर में रहा करो 
    कोई हाथ भी न मिलाएगा,
    जो गले मिलोगे तपाक से 
    ये नए मिज़ाज का शहर है,
    ज़रा फ़ासले से मिला करो 
    - बशीर बद्र

  • mai_nishabd_naman 25w

    कुछ तो तेरे मौसम ही मुझे रास कम आए

    और कुछ मेरे मिट्टी में बगावत भी बहुत थी

    PARVEEN SHAKIR

  • mai_nishabd_naman 29w

    हालात की इस बंजर जमीन को ख्वाबों के समुन्दर से
    सींचना हैं,
    मेहनत की कलम और हौसलों के स्याही से किस्मत का लकीर खींचना हैं

  • mai_nishabd_naman 30w

    मानो नशा अब मैंने सारी कर ली,
    एक इश्क़ बची थी, वो भी कर ली...

  • mai_nishabd_naman 30w

    हर कोई जो उससे मिला उसे चाहने लगा,
    उनमे से ही कोई एक उसे मैं भी लगा...