Grid View
List View
Reposts
  • malang_12 1d

    यहाँ से पढ़े ������������

    बहुत समय पहले की बात है, लगभग दो साल हो गये। भाई का जन्मदिन था तो उनके दोस्त उनसे पार्टी माँग रहे थे कि इस बार तो तेरे जन्मदिन पर बड़ी पार्टी करेंगे। भाई ने हाँ तो बोल दिया लेकिन अब बारी थी पार्टी का इंतज़ाम कैसे किया जाऐ। फिर उनके सामने मम्मी आ गयी वो बोली बेटा आयत नहीं आ रही काफी दिन हो गये तुम्हारी लड़ाई तो नहीं हुई उससे बस इतनी सी बात कहते ही भाई ने अपना ख़ुरापाती दिम़ाग चलाया और उनका जुगाड़ हो गया।

    @amateur_skm bhai ji������ क्षमा चाहते हैं।����������������
    @in_my_heart aayat ������

    Read More

    जन्मदिन

    Bhai : मुझे उसकी बातें पसंद नहीं।
    Mummy : उसने कुछ कहा
    Bhai : जब देखो तब तुम्हारी मम्मी बहुत नकचढ़ी हैं, उन्हें कोई काम नहीं आता जब देखो तब दूसरों पर रौब झाड़ती हैं।
    Mummy : क्या वो ऐसा बोलती हैं, मेरे बारे में
    Bhai : हाँ, मम्मी और ये भी बोल रही थी कि जब देखो तब बिना बात के लड़ने लगती। अच्छा मम्मी, मुझे पाँच हजार रुपये चाहिऐ दोस्त जन्मदिन की पार्टी माँग रहे।
    Mummy : हाँ, पर्स में से ले लो तू तो मेरा बेटा हैं, और बता बेटा वो क्या बोल रही थी मेरे बारे में
    Bhai : मुझे तो गुस्सा आ गया ये सब सुनकर मैंने बोल दिया आज के बाद मेरी माँ के बारे में ऐसा कुछ बोला तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।
    Mummy : आने दो उसको, उसकी तो मैं....
    Bhai : नहीं, मम्मी आप कुछ मत बोलना उससे, ठीक हैं मम्मी मैं चलता हूँ अब दोस्त पार्टी के लिऐ बुला रहे।
    Mummy : ठीक हैं, जाओ।
    Aayat : सौरभ..... सौरभ कहाँ हो तुम ??
    Mummy : वो दोस्तों के साथ पार्टी करने गया हैं।
    Aayat : अच्छा!! आंटी आप कैसी हैं...??
    Mummy : जिंदा हूँ अभी....
    Aayat : आंटी आप मुझसे ऐसे क्यों बात कर रही हो, मुझसे कोई गलती..
    Mummy : नहीं, गलती मुझसे हुई हैं...
    Aayat : अरे आंटी!! आप मुझसे कभी ऐसे बात नहीं करती और आज...क्या हुआ हैं, प्लीज़ बताओ आपको मेरी कसम हैं।
    Mummy : तुमने सौरभ से क्या कहा कि मैं नकचढ़ी हूँ। मुझे कोई काम नहीं आता और दूसरों पर रौब झाड़ती हूँ और मैं बिना बात के लड़ती हूँ, जबकि मैंने तुम्हारें साथ कभी ऐसा व्यवहार नहीं किया
    Aayat : अरे ये मैंने कब बोला उससे आप मेरे सामने बात करना मैंने उससे कभी नहीं बोला ये सब। जरुर कोई काम होगा आपसे इसलिऐ मुझे आज बलि का बकरा बना दिया इस नालायक ने, मैं कसम खा रही हूँ मैं आपके बारे में ये सब कभी नहीं आने दो इसकी तो आज मैं....
    Mummy : उसने मुझसे पाँच हजार रुपये लिऐ पार्टी के लिऐ आज आने दो उसको, इसकी पार्टी तो मैं मनाती हूँ, इसकी इतनी हिम्मत हो गयी कि ये अब मुझसे झूठ बोलेगा
    Bhai : मम्मी, मैं आ गया आज बहुत मजा आया मैं बहुत खुश.... ये यहाँ क्या कर रही हैं....?
    Aayat or mummy : तेरी पूजा....तू रुक तेरा तो जन्मदिन आज मैं मनाती हूँ....
    Bhai : मैं मुसीबत के पीछे नहीं, मुसीबत मेरे पीछे भागती हैं।अरे नहीं!! कोई बचाओ मुझे....

    ©malang_12

  • malang_12 3d

    यहाँ से पढ़े ������

    बहुत समय पहले की बात हैं मैं, भाई के साथ लूडो खेलना चाह रही थी लेकिन भाई ने साफ इंकार कर दिया। मैं इस बात से काफी नाराज़ हो गयी, लेकिन फिर मम्मी के पास जाकर बैठ गयी। भाई भागते हुये बाहर जा रहे थे ये देखकर मम्मी मुझसे बोली जा पूछ कर आ छोटी कहाँ जा रहा हैं ये, लेकिन भाई बहुत जल्दी में थे जैसे बस छूट रही हो जब मैंने उनसे पूछा कहाँ जा रहे हो तो बताया ही नहीं, काफी देर तक पूछते रहने से उनको गुस्सा आ गया और फिर से मैंने......

    @amateur_skm bhai ������

    Read More

    कब्र

    Me : भाई कहाँ जा रहे हो??
    Bhai : लड़की देखने जा रहा हूँ अपने लिऐ...
    Me : लेकिन भाभी तो......
    Bhai : चुप कर, क्यूँ तू काली बिल्ली की तरह मेरा रास्ता काट जाती हैं.....मैं जा रहा हूँ अब टोकना मत नहीं तो पिटेगी मेरे हाथ से
    Me :
    Mom : क्या हुआ तुझे रो क्यूँ रही
    Me : भाई तो लड़की देखने गये और मैं ज्यादा पूछती तो मेरी पिटाई कर देते
    Surbhi bhabhi : देखा माँजी मैंने पहले ही कहा था कि कोई हैं, मुझे नहीं पता था कि ये मेरी सौतन ले आयेंगे
    Mom : इस हरामखोर से ये उम्मीद नहीं थी कि ऐसे दिन भी दिखाऐगा मुझे
    Surbhi bhabhi : अब मैं कहीं की नहीं रही माँजी अब मैं कहा जाऊँगी.
    हे भगवान!!! अब मेरा क्या होगा मैं तो बर्बाद हो गयी
    Mom : इस नासपीटे का क्या करुँ मैं इसने कहीं का न छोड़ा समाज में क्या मुँह दिखाऊँगी
    Me : मम्मी भाई आ गये
    Mom : तू कहाँ गया था और ये लड़की कौन हैं
    Bhai : लड़की , मैं तो अपने नोट्स लेने गया था दोस्त से
    Mom : कौन सा दोस्त??
    Bhai : क्या हुआ????
    Surbhi bhabhi : देखा माँजी अब इन्हें पता भी नहीं कितना बड़ा पाप किये हैं, अब तो ये उस चुड़ैल को घर भी लेकर आयेंगे
    Bhai : कौन सी चुड़ैल??... अबे हद हैं साफ साफ बताओ क्या बात हैं
    Mom : छोटी बोल रही थी कि तुम लड़की देखने गये अपने लिऐ और तुम्हारी इतनी हिम्मत कैसे हुई इस घर में पैर रखने की
    Bhai : इस छोटी की तो मैं....
    Me : एक मिनिट रुको पहले मुझे आँगन में अपनी कब्र खोद लेने दो।
    मैं, कसम खा रही हूँ मम्मी, भाई ने यहीं कहा था लेकिन अब भाई ऐसा क्यूँ बोल रहे
    Mom : सौरभ, तुझे शर्म नहीं आती छोटी पर इल्ज़ाम लगा रहा हैं तू, तेरी तो आज खैर नहीं
    Bhai : मम्मी रुको, छोटी थोड़ी और बड़ी कर लेना कब्र, मैं भी आ रहा हूँ तेरे साथ
    Mom : अबे तू छोटी को छोड़ तेरी तो तबियत में सुधारती हूँ नासपीटें
    आगे का सीन पता हैं, न ......
    ©malang_12

  • malang_12 1w

    भाग---2 यहाँ से पढ़े ����������

    तीसरी बार हमारे कद़म पड़ने वाले थे, मेले के मैदान में और साथ में थी मम्मी, दीदी, नेहा(मौसी की लड़की) और मैं।
    जैसे ही हम लोग जाने लगे तो दीदी ने कहा आज कोई झूला नहीं झूलेगा। लेकिन हम लोग कहाँ मानने वाले थे, जब पहुँचे मेले में तो मेरा और नेहा का ध्यान उसी आसमानी झूले की तरफ था मम्मी समझ गयी थी कि हम लोगों को किसकी भूख हैं, मम्मी बोली चलो पहले तुम लोग झूला झूल लो।

    Read More

    आसमानी झूला

    Didi : नहीं, आज कोई झूला नहीं झूलेगा न मैं और न ये लोग चलो यहाँ से
    Neha : अरे!!! दीदी प्लीज़ आज मैं आयी हूँ, पहली बार आपके साथ और आप मुझे झूला भी नहीं...
    Didi : नहीं, तुम लोग छोटे हो गिर जाओगे
    Me :
    Neha : दी प्लीज़ बस आज, फिर कभी नहीं मैं टिकिट लेने जा रही
    Didi : तुम लोगों में कुछ अक़्ल- वक़्ल तो हैं नहीं, मेले में आये नहीं कि चल दिए घुड़सवारी करने
    Me : दीदी हमारी भी कोई इज्जत हैं, जब देखो तब शुरु हो जाती हो
    Didi : इज्जत गयी तुम्हारी तेल लेने ज्यादा मत बोलो नहीं तो यहीं धोये देंगे
    Me :
    Neha : चलो छोटी, मैं टिकिट ले आयी दीदी आप कहाँ जा रही हो
    Didi : तुम लोगों के साथ अकेले नहीं जाओगे तुम
    Me : दीदी रहने दो, आपको डर लगता हैं आप मत जाओ
    Didi : नहीं, नहीं लगेगा मुझे डर तुम लोग जाओगे तो मैं भी जाऊँगी
    Me : मन में (न तो खुद ढ़ंग से झूलेंगी और न ही दूसरों को झूलने देंगी हर बात में अपनी मर्जी लेकिन मजबूरी बस ले जाना पड़ा )ठीक हैं चलो
    हम सब साथ में झूले पर सवार हो लिऐ और झूले का एक धीमा चक्कर भी हो चुका अब बारी थी फिर से......जैसे ही तेज हुआ।
    Neha : दीदी घबराओ मत।
    Didi : जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुं लोक उजागर।
    हे प्रभु!! गलती हो गयी, अब नहीं आयेंगे दोबारा बस इस बार बचा लो प्लीज़
    Me : दीदी पागल हो गयी हो क्या, शांत बैठी रहो पहले ही बोला था, मत आओ हमारे साथ
    Didi : थप्पड़ पड़ जाऐगा अपना मुँह मत चलाओ मेरी हालत खराब हो रही हैं, और तुम नसीहत दे रही हो मुझे
    जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर।
    जैसे- तैसे बंद हुआ झूला तब जाकर दीदी का मन शातं हुआ।
    अगर थोड़ी देर और हो जाती तो शायद मेरा और नेहा का भर्ता बना देती उसी झूले के डिब्बे में
    Me : आज के बाद मेरे साथ मत आना
    Didi : मैं तो आऊँगी तुम लोगों के साथ और गलती से बिना बताऐे तुम लोग आये यहाँ, तो घर पर आते ही...........
    Me & Neha : भागो भूत आया
    ©malang_12

  • malang_12 1w

    @in_my_heart aayat ji ������
    @amateur_skm bhai ji ����

    Kuchh glti ho to aap dono mujhe maaf kr dena����������


    एक बार की बात हैं, आयत अपने गाँव आयी थी। उसके दूसरे दिन उसका जन्मदिन था तो उसके भाई- बहिन पार्टी माँग रहे थे, उस समय आयत के बेस्ट फ्रेंड सौरभ भाई वही पर थे वो उन सबकी बात सुन रहे थे वो (मन ही मन सोच रहे थे कि चलो कुछ गिफ्ट देते हैं, आयत को)����

    Read More

    gift

    Aayat : क्या हुआ तुम्हें?
    Sourabh : कल तुम्हारा जन्मदिन हैं और तुमने बताया भी नहीं
    Aayat : अरे! कुछ ख़ास नहीं.
    Sourabh : अच्छा, मतलब बुलाओगी नहीं मुझे, केक अकेले ही खाने का इरादा हैं।
    Aayat : नहीं ऐसा कुछ नहीं हैं मैं वो..मनाती नहीं हूँ इसलिऐ
    Sourabh : ठीक हैं! कल तुम्हारे लिए मेरी तरफ से एक सुंदर तोहफा मिलेगा।
    Aayat : नहीं इसकी कोई जरुरत नहीं हैं।
    Sourabh : जरुरत क्यों नहीं हैं ऐसा थोड़ी होता हैं बताओ क्या चाहिऐ तुमको, अगर नहीं लिया तो मैं तुमसे बात नहीं करुँगा।
    Aayat : अरे,,,ठीक हैं कुछ भी चलेगा
    Sourabh : ऐसे कैसे कुछ भी चलेगा चलो ठीक हैं देख लेंगे लेकिन चलेगा नहीं दौड़ेगा।
    पूरा मार्केट घूम आये लेकिन कुछ भी गिफ्ट उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्या लें वो अपनी सखी के लिऐ, इतने में ही उन्हें कुछ दिखाई दिया और उन्होंने खरीद लिया और बहुत सुंदर पैकिंग भी कराई फिर अगले दिन आयत के घर की ओर चल दिये।
    घर आकर आयत देखो मैं तुम्हारें लिए क्या लाया हूँ.
    Aayat : अरे वाह! इतना सुंदर गिफ्ट
    Sourabh : और नहीं तो क्या आख़िर तुम मेरी प्यारी सखी जो हो तुम्हारे लिए इतना तो कर ही सकता हूँ, मैं.
    Aayat : बहुत बहुत शुक्रिया इसके लिऐ
    आयत ने गिफ्ट खोलना शुरु किया, लेकिन ये क्या उसके अंदर एक और गिफ्ट फिर उसको खोला तो उसके अंदर भी फिर से...... 5 बार यहीं सिलसिला चला
    Sourabh : अरे! अरे! ये लास्ट हैं, अब इसके अंदर तुम्हारा गिफ्ट
    और आयत ने (अपना गुस्सा शातं कर) फिर उसको खोला तो उसमें एक डिब्बा था जो बहुत प्यारा था देखने से लग रहा था कि जरुर उसमें कुछ कंगन या फिर ब्रेसलेट जैसा कुछ हैं, उत्साह में जैसे ही आयत ने डिब्बा खोला ये क्या उसकी नाक में तेज झटका लगा जब देखा तो स्प्रिंग वाला साँप का खिलौना था।
    आयत को बहुत तेज गुस्सा आ गया और सौरभ भाई की तरफ दौड़ी ⚒.......
    Sourabh : मुझे क्यों मार रही हो तुमसे बोला था न, चलेगा नहीं दौड़ेगा और अब तुम.....
    आगे का हाल आप सबको पता ही होगा.......
    ©malang_12

  • malang_12 2w

    चेहरें पर मुस्कान लिऐ, दर्द को छिपाया गया,,,,
    खुशियों को बरकरार रखने, गमों को दफ़नाया!!!!
    ©malang_12

  • malang_12 2w

    @jigna___ di ������������

    #bakwasiyan

    Read More

    #bakwasiyan

    जो खुद अपनी मनमर्जी से चलते हो,
    उसे दूसरों की मनमर्जी से तकलीफ??
    ये भी कोई बात हुई??!!
    ©malang_12

  • malang_12 3w

    भाग -- 1
    यहाँ से पढ़े :-----
    जब पहली बार मेले में गये तो वहाँ मैंने देखा आसमानी झूला।
    और मुझे बेहद पसंद भी आया मैंने दादा से बोला मुझे इसमें बैठना हैं, दादा बोले अभी तुम बहुत छोटी हो डर जाओगी।
    जब बड़ी हो जाओ तब झूल लेना ( गुस्सा तो बहुत आया फिर सोचे शायद इस झूले को देखकर दादा का हाल- बेहाल हैं, इसलिऐ फिर जाने दिया क्योंकि इसके अलावा कोई ओर चारा भी तो न था)
    उसके बाद कभी- भी मेला नहीं गयी मैं, फिर मैं उस दिन का इंतज़ार करने लगी कि कब वो दिन आये जब मैं झूला झूलने लायक हो जाऊँ।
    वो दिन भी आ गया करीब 10 साल बाद मैं दूसरी बार मेला जाने के लिऐ तैयार हो रही थी, और मेरे साथ में मम्मी, दीदी और एक दीदी( अनु दी) और थी साथ में।
    यह 4, 5 साल पुरानी बात हैं, मैं दूसरी बार मेला गयी थी और वहाँ सबसे ज्यादा पसंद मुझे था, " आसमानी झूला "����
    हम लोग मेलें में पहुँच चुके थे और बढ़िया मेले का लुफ्त उठा रहे थे। ( मतलब धक्का- मुक्की खा रहे थे)����

    Read More

    आसमानी झूला

    Didi : मम्मी चलो मुझे तो पहले चाऊमीन खानी हैं।
    Me : दीदी पहले आसमानी झूला झूले प्लीज़
    Didi : तू जा मुझे नहीं जाना उसमें मुझे डर लगता हैं।
    Me : दीदी प्लीज आपको पता हैं न मम्मी अकेले नहीं जाने देंगी
    Didi : रहने दे छोटी, ये देख खाने में जो खाना हैं वो खा लो या फिर कुछ और लेना हो तो वो ले लो लेकिन झूला नहीं।
    Me : आप रहने दो, मत जाओ मैं अनु दीदी के साथ चली जा रही हूँ, और मैंने टिकिट ले लिऐ दो।
    Didi : तुम दोनों अकेले नहीं जाओगी मैं भी जाऊँगी तुम्हारे साथ और वो भी टिकिट लेके आ गयी।
    Me :दीदी रहने दो आपको डर लग रहा हैं, आप मत जाओ
    Didi : नहीं, मैं भी जाऊँगी अब
    Me : ठीक हैं चलो और फिर हम तीनों झूलें में बैठ गये
    लेकिन मैं अकेली बैठी थी और दूसरे साइड में दोनों दीदी थी तो फिर दीदी बोली, अनु तुम छोटी के साथ बैठ जाओ वो अकेली हैं, डर जाऐगी ( लेकिन मुझे साफ दिख रहा था कि कौन डर रहा हैं)
    अनु दी मेरे साथ आकर बैठ गयी और दीदी अकेली बैठी थी अब बारी थी झूला झूलने की जैसे ही शुरु हुआ हम लोग तो खूब मजे ले रहे थे लेकिन दीदी चुप थी और जैसे ही तेज हुआ झूला।
    Didi : जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहु लोक उजागर।
    हे भगवान! आज बचा लो कैसे भी करके आज के बाद कभी झूला नहीं झूलेंगे हे प्रभू, तुम्हारे पैर छू रहे रोक दो इसे बीच में
    Me : दीदी ये क्या कर रही हो कुछ नहीं होगा शांत रहो हमें क्यों डरा रही हो
    Didi : मैं ठीक हूँ तुम लोग चुप हो जाओ और एक दूसरे का हाथ पकड़ कर रखना गिर मत जाना
    Me : हम नहीं गिरने वाले आप अपना ख़्याल रखो घबराओ मत
    Didi : ठीक हूँ मैं।
    जय हनुमान ज्ञान गुण सागर..............
    हे प्रभू तुम जो कहोंगे वो कर देंगे बस आज बचा लो
    हे माता मैया तुम्हारें हाथ जोड़ रहे बस आज बचा लो
    Me & Anu di : (मन में ही, नहीं तो थप्पड़ पड़ जाते)
    थोड़ी देर बाद झूला रुक गया और मेरी दीदी के प्राण वापस आ गये हम लोग उतर आये झूले से
    Me : दीदी एक बार फिर प्लीज़ मुझे बहुत मज़ा आया
    Didi : ....
    ©malang_12

  • malang_12 3w

    ����������������
    #fun #masti #jokes #funtime #pod

    By Unknown writer

    Read More

    ,

  • malang_12 3w

    आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ।������������
    ������������������������
    ������������������������������������������������������


    @life09 @diyaparmar @hirvi_dalwadi_ @prakhu_13
    @amateur_skm
    #masti #fun #funtime #jokes #pod

    Unknown writer

    Read More

  • malang_12 4w

    बहुत पुरानी बात हैं, जब मैं 11 साल की थी। कच्ची कैरी का सीज़न चल रहा था और कैरी मुझे और मेरी दीदी को बहुत पसंद थी।
    मम्मी ने साफ मना कर रखा था कि तुम लोगों ने अगर कैरी को हाथ भी लगाया तो मेरे हाथ से तुम लोगों का स्वागत भी होगा और पापा से भी शिकायत कर दी जायेगी।��
    लेकिन मैंने मम्मी से मना कर दिया खाना तो दूर मैं तो इसके तरफ देखूँगी भी नहीं, लेकिन मन में चल रहा था( कि मैंने अपने पैर पर अपने ही हाथ से कुल्हाड़ी मार ली ��अब कैरी कैसे खाऊँगी मैं )
    लेकिन ये क्या हुआ अचानक दीदी छिपते छिपाते अपने कमरे में जा रही समझ नहीं आ रहा था क्या बात हो गयी।
    मुझे उनकी चिंता हो रही थी, मैं भी उनके पीछे पीछे गयी गेट पर जाकर मैंने देखा ये क्या ऐसा कैसे कर सकती हैं वो, अपनी छोटी बहिन के साथ एक बार भी उनको मेरा ख़्याल नहीं आया जब मुझे पता चलेगा तो मैं क्या सोचूँगी उनके बारे में,

    Read More

    कच्ची कैरी

    मतलब हद हैं, एक बहुत बड़ी कच्ची कैरी वो अपने कमरे में अकेले बैठकर खाने वाली थी, इतने में ही उनकी निगाहें मुझ पर पड़ी।
    Me : दीदी ये क्या हैं??
    Didi : तुझे दिखाई नहीं दे रहा
    Me : लेकिन मैं तो हमेशा आपका साथ देती हूँ।
    Didi : चल फूट ले यहाँ से
    Me : देखो मुझे गुस्सा मत दिलाओ प्यार से बोल रही हूँ मुझे मेरा हिस्सा दे दो मैं चली जाऊँगी
    Didi : तू जा रही हैं यहाँ से मैं थप्पड़ मारुँगी
    Me : ठीक हैं जा रही हूँ लेकिन पापा के पास उनसे शिकायत करने
    Didi : रुक जा, देख मम्मी की निगाहों के नीचे से लेकर कैरी मैं आयी हूँ मेरा हिस्सा हैं ज्यादा अगर छोटा सा बाइट चाहिऐ तो बोल
    Me : ठीक हैं दो मुझे
    Didi : ये लो अब जाओ यहाँ से
    Me : पहले मुझे खा तो लेने दो बाहर मम्मी ने देख लिया तो, थोड़ी देर बाद दीदी मुझे और दो
    Didi : तू जा रही हैं यहाँ से या फिर एक चाटा लगाऊँ
    Me : पापा
    Didi : अरे रुक देती हूँ
    Me : हाँ जल्दी दो (पता था मैं दी के साथ गलत कर रही हूँ लेकिन बात भी तो कच्ची कैरी की थी जब तक साफ नहीं तब तक कोई बात नहीं)
    Didi : अब नहीं हैं मेरे पास जा अब
    Me : दीदी दे दो मुझे पता हैं तुम्हारें पास हैं अभी
    (दीदी काफी गुस्सा हो रही थी कि लेके मैं आयी लुफ्त फ्री का तू उठा रही)
    Didi : लो और अब नहीं दूँगी
    Me : मैंने खत्म की कैरी और जाकर मम्मी को सब बता दिऐ कि दीदी तुमसे छिपाकर कैरी ले जा चुकी हैं मम्मी आग बबूला हो गयी
    दीदी बेचारी ने बहुत समझाया कि छोटी ने भी खाया हैं, लेकिन मैंने तो मना कर दिया ( मेरे पास तो सबूत भी नहीं था) सबूत था तो मेरी दीदी के पास कैरी की गुठली
    सोचो अब दीदी का क्या हाल होने वाला हैं, क्योंकि मैंने अपना भी सारा दोष दीदी के मत्थे मढ़ दिया
    लेकिन अब मैं भी मम्मी से अलग नहीं रह सकती अगर रही तो दीदी मेरी भुर्जी बना देगी
    ©malang_12