malay_28

wandering with words.

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  • malay_28 7h

    मुट्ठी भर आसमाँ दे दो चुटकी भर ज़मीं
    दिल में थोड़ी जगह दे दो आँखों में नमी !

    ज़िन्दगी हो जाएगी मुकम्मल इतने से ही
    जी लूँगा सनम चाहे हो फिर लाख कमी !

    दिल कहाँ चाहता मेरा कोई शानोशौकत
    इंच भर मुस्कान मयस्सर हो तो कैसी ग़मी !

    यूँ इस क़दर ना चाहो कि जाँ निकल जाए
    आँखों में ख़्वाब हो और होंठ हो शबनमी !

    सफ़र पूरा हो चला मेरा अब चलो मलय
    कहीं तो मिल जाएगा सोने दो ग़ज़ ज़मीं !

    ©malay_28

  • malay_28 22h

    Very ordinary is this

    Four lettered word

    LOVE

    But once you fall

    In this sweet trap

    It fuels the fire

    The heart burns slowly

    And the smoke

    Comes out of the eyes

    Tortured tears

    Drop down

    Like withered leaves

    In autumn

    The heart getting restless

    Like birds

    On their destroyed nests

    Life becomes an inferno

    Of ignited passions

    Burning bit by bit

    In the hell of

    Lost love.

    ©malay_28

  • malay_28 1d

    Collab with Seema ji (keentiwari) #nature #love #life #poetry

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    दिल पे तेरे नाम है मेरा ही लिखा हुआ
    वो तुम्हें टूटने ना देगा बिखरने ना देगा
    तेरी रूह का मेरी रूह से है बना रिश्ता
    तेरी साँसों को मेरे सीने से निकलने ना देगा.
    ©malay_28

  • malay_28 1d

    टूटा है कुछ कहीं-ना-कहीं ज़रूर
    दिल ये वर्ना यूँ ही धड़कता नहीं !

    जला होगा कहीं किसी का आशियाँ
    बर्फ़ आँखों से यूँ ही पिघलता नहीं !

    मेहमाँ बनके कोई दिल को लूट गया
    दर्द यूँ दिल से कभी निकलता नहीं !

    वो चहकती चिड़ैया बीमार हो गई
    पलक-ए-पेड़ों पे आँसू ठहरता नहीं !

    कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते मलय
    दूर रहकर भी क्यों दिल भूलता नहीं !

    ©malay_28

  • malay_28 2d

    दूर तलक फ़क़त तनहाइयाँ हैं
    कुछ दरख़्तों की परछाइयाँ हैं !

    कहीं हँस रही जश्न-ए-अरमाँ
    कहीं सिसकती रुसवाईयाँ हैं !

    मातम है कहीं दिल टूटने का
    कहीं पर बरसती बधाइयाँ हैं !

    ज़िस्म कोई बचाती है कुत्तों से
    तो कहीं टूटती अंगड़ाइयाँ हैं !

    कहीं साँस लेती हुई ग़ज़ल है
    कहीं दम तोड़ती रुबाइयाँ हैं !

    ©malay_28

  • malay_28 2d

    हूँ परेशाँ मैं ख़ामख़ा कोई कह दो ज़रा
    है नहीं वो बेवफ़ा कोई कह दो ज़रा !

    लगता हूँ ख़ुद को अब एक अज़नबी
    ज़माना नहीं है ख़फ़ा कोई कह दो ज़रा !

    दिल लगाऊँ कैसे दिल टूटने का है डर
    वफ़ा को मिलती वफ़ा कोई कह दो ज़रा !

    ना हम झुकेंगे ना टूटेंगे कभी सितम से
    वो जारी रखें जफ़ा कोई कह दो जरा !

    मुक़दमा-ए-इश्क़ है चल रहा मुझ पर
    हो जाएगा रफ़ा दफ़ा कोई कह दो ज़रा !

    ©malay_28

  • malay_28 2d

    अधखुले होंठ और आँखों के छलकते पैमाने
    मदहोश करती तुम साँस लेती हुई ग़ज़ल हो !

    अल्फ़ाज़ तुम्हारे जैसे महके हुए इत्र हैं मलय
    दिल की महफ़िल में गुनगुनाती हुई ग़ज़ल हो !

    शरमा के छिप गया है बादलों में चाँद कहीं
    सितारे समेटे लफ़्ज़ों में चमकती हुई ग़ज़ल हो !

    मेरे कुर्ते के बटन से जो उलझ गया दुपट्टा तेरा
    सुर्ख़ रुख़सार लिए शर्म से लजाती हुई ग़ज़ल हो !

    छन-छन करती उतरती मेरे ख़्वाबों की ज़मीं पे
    आसमाँ से मुहब्बत की उतरती हुई ग़ज़ल हो !

    ©malay_28

  • malay_28 3d

    उलझनों में घिरे क्यों ख़ामख़ा रहते हो
    मुहब्बत से दूर अब बाख़ुदा रहते हो !

    मेरी आशिक़ी दम तोड़ने है अब लगी
    जो भी मिलते हो शादीशुदा रहते हो !

    सफ़र है ज़िन्दगी का ठोकरें मिलेंगी ही
    हँस के झेल लो क्यों ग़मज़दा रहते हो !

    मुहब्बत के मुखौटे में लोग मिलते हैं यहाँ
    उनपर यूँ टूट के क्यों फ़िदा रहते हो !

    ज़िन्दगी ख़ुद से क्यों ख़फ़ा रहते हो
    मुझसे कहो मलय क्यों जुदा रहते हो !

    ©malay_28

  • malay_28 3d

    कशिश ये कैसी थी उसकी आवाज़ में
    संगीत बज उठी एक अनछुए साज़ में !

    वक़्त था थम गया लम्हों के आँचल में
    जाने कितने ही कल ठहर गए आज में !

    उतर गई बन रागिनी दिल के दरम्यां
    अंज़ाम था दिख रहा उसके आगाज़ में !

    सावन-सा बनकर बरस गया दिल पर
    भीगता रहा मैं बारिश-ए-अल्फ़ाज़ में !

    बन्द पलकों में अब नज़र वो आने लगी
    रंग इंद्रधनुष दिखने लगे मेरे हमराज़ में !

    ©malay_28

  • malay_28 4d

    Collab with ruhii_ #nature #love #life #poetry

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    बुत मत समझ तेरी बुतपरस्ती महज़ एक अदा होगी
    ख़्वाहिश-ए-रूह मिटेगी नहीं गूँजती मेरी सदा होगी.

    ©malay_28