mandavisingh

youtu.be/i6R4Z7aRnCA

✌�� I restore myself when I'm alone

Grid View
List View
Reposts
  • mandavisingh 1w

    किसे अपना कहूं
    किसे गैर बता दूं
    किसकी ख़ता है
    किसको सज़ा दूं

    कहां तक शिकवा करेगा
    ये बेखुद जमाना
    अंधेरी है शामें
    गर अंधेरी बिता दूं....
    ©mandavisingh

  • mandavisingh 1w

    बढ़ रही तेरी बेरुखी
    आज फिर तू मेरे दर्द में इतरा रहा
    कैसे मान लूं , है साथ तू
    मेरे नज़रों के सामने से
    हर रोज तू मुझसे दूर जा रहा....
    ©mandavisingh

  • mandavisingh 2w

    यूँ तो आँखों औऱ पलकों का रिश्ता
    कितना अजीज होता हैं,
    पर जब पलक टूट कर आँख मे गिर जाती हैं
    तो चुभने लगती हैं....
    ©mandavisingh

  • mandavisingh 2w

    M

  • mandavisingh 2w

    Improvement is better than changes,
    You can not change your life.
    But yeah..!
    You can improve your life.
    ©mandavisingh

  • mandavisingh 2w

    ""It's hard to forget someone
    Who gave u so much to remember""~by unknown writer

    Read More

    कहती तो बहुत कुछ है
    इन दिनों तेरी खामोशीयाँ
    पर इस दिल को मैं कैसे समझाऊं

    गर वक्त मिले तो देना इतना बता
    यही तेरा इन्तजार करूं
    या तेरी गलियों से
    अब मैं लौट जाऊं....
    ©mandavisingh

  • mandavisingh 2w

    रूठ जाते है अक्सर अपने अपनों कि चाहत में
    जरूरी तो नहीं
    इस मतलब भरी दुनिया मे हर जगह जज्बातों का व्यापार हों

    कैद हो कर रह जाते है हम अक्सर जिसकी यादों में
    जरूरी तो नहीं
    उनको भी हमसे प्यार हो

    ठहर सा जाता है ये पल
    गर बोल दें दो शब्द मुस्कुरा कर वो
    जरूरी तो नहीं
    उनको भी इन पलों से ऐतबार हों

    जरूरी तो नहीं
    उनको भी हमसे प्यार हों....
    ©mandavisingh

  • mandavisingh 3w

    कतरा-कतरा ख्वाब बटोरा
    ऐ दिल क्यों नींद पिरोना भूल गये

    बह निकले जज्बातों में
    उन बेबुनियादी बातों में

    अब क्यों इतना टूटे
    की टुकड़ों में जीना भूल गये

    कतरा-कतरा ख्वाब बटोरा
    ऐ दिल क्यों नींद पिरोना भूल गये...
    ©mandavisingh

  • mandavisingh 3w

    खामोश नजरें तेरी कुछ तो छुपाती है
    कुछ तो अधूरा है
    जो तेरी बातें ना कह पाती है...

    लब्ज तेरे गिन-गिन हम रह जाते है
    तेरी मौजूदगी में
    तेरी कमी पाते है.....
    ©mandavisingh

  • mandavisingh 6w

    मैंने भटकते देखा है
    मेरी तन्हाई को तन्हा कहीं,
    मेरी खामोशी में खामोशी कम
    तेरी यादें ज्यादा है।।

    क्यों ना हो....
    हाथों की लकीरें बेबस मेरी,
    मेरे हिस्से ये जमीं कम
    वो आसमां ज्यादा है।।
    ©mandavisingh