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Reposts
  • manii_842 4w

    यूं काला टीका लगाकर मुस्करा दिया करती है
    किसी की नज़र ना लगजाए मन ही मन घबराया करती है
    हर ख्वाइशों को पूरा करने में जी जान लगा देती है
    निस्वार्थ प्रेम की परिभाषा का स्पष्टीकरण करती है
    केवल मां हि तो है जो सर्व श्रेष्ठ सम्पूर्ण होने का पद ग्रहण करती है।।


    ©manii_842

  • manii_842 5w

    क्यू तू इस मोहि दुनिया मे सुकून की तलाश में घूमता है?
    तेरे पास ही है सब कुछ, तो फिर तु क्यू नजर घुमाकर नहीं ढूंडता हैं?
    इस मायावी दुनिया मे सब कुछ बहकर ही जाना है
    क्यू तू यूं टूट चुका... निष्कर्ष इसका कुछ नहीं निकलना है
    जो काम के लिए तू आया है तुझे बस वो करके जाना है
    तू जाना उनके दर पे जहां खुशिया अपार है
    क्यू भटकता इंसान तू सुकून की तलाश में?
    यहां हर इंसान तुझे समझे ये सम्भव नहीं
    पूरा टूट चुका हूं यूं कहकर इन पाखंडी गलियों मे ना घुमा कर
    हर राह में हर कण कण में तुझे कृष्ण दिखेगा बस सही नजर से देखा कर
    तेरे खुद मे परमेश्वर विराजे फिर भी तू जगह जगह भटकता है
    एक बार उसे सच्चे मन से पुकार बस तेरे पास ही बैठा है
    इस मायावी दुनिया के लोगो का इंतजार तुझे रहता है...
    पर पहले ये तो बता तेरे पुकारने पे कोई एक सेकंड मे आकर खड़ा होता है??
    तेरी पलके ना झपके उसके पहले तू उसे अपने पास पाएगा पर पहले ऐसा भाव तो ला की वो तेरे साथ रहता है।।


    ©manii_842

  • manii_842 5w

    Where there is contention, there is hell, where there is devotion & Dedication, there is paradise!!




    ©manii_842

  • manii_842 7w

    Viable individuals don't offer significance to their preferences; instead,they prioritize their feeling of purpose and pick appropriately.



    ©manii_842

  • manii_842 7w

    We must remain the same in both conditions because the more we are grieving, the more misery will grow. And whatever we receive is derived from Our own deeds.

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    At the point when you are cheerful you appreciate the ride of life yet when you are miserable you need to get freed from everything!!
    ©manii_842

  • manii_842 10w

    यहां जो बना है टूटता जरुर है
    खामोशियों का पहरा छूटता जरुर है
    जो रोया है वो हसा जरुर है
    सन्नाटा भी एक दिन हलचल में बदलता जरुर है
    हर उदासी पर खुशी का पहरा पडता जरुर है
    हर कर्म पर स्टाम्प लगता जरुर है
    हर छोटी बड़ी ग़लती का हिसाब होता जरुर है
    हर परदे पर परदे होते जरुर है
    हर नाम के पीछे सबके 100 नाम जरुर है
    हर बदनसीबी की खुशनसीबी जरुर है
    हर बात के सो राज़ जरुर है
    हर नुमाइश का अपना एक दौर जरुर है
    हर ख्वाइशों का अपना एक अलग मुकाम जरुर है
    हर अंधकार का दीया जरुर है
    हर घमंड का नाश होता जरुर है
    हर अहंकार से परदा हटता जरुर है
    हर बुराई का अंत होता जरुर है
    हर परेशानी का हल होता जरुर है
    जब भगवान एक दरवाज़ा बन्द करता है तो 4 और दरवाजे खोलता जरुर है
    हर परेशानी का अपना मोल होता जरुर है
    और हर एक अच्छा इंसान अनमोल होता जरुर है
    हर आतंक का काल आता जरुर है
    और हर कलयुग के बाद सतयुग आता जरुर है।।

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    Everything happens on its own time!!


    ©manii_842

  • manii_842 11w

    Only after the outrage and tempest calm down, it shows how much damage has been caused.

    ©manii_842

  • manii_842 12w

    Don't do such deeds which you can't able to endure

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    It is easy to torment someone, but when that pain comes back to us, we are not able to endure that pain at all

    ©manii_842

  • manii_842 13w

    Bitter truth of Kalyug

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    एक ज़खम खत्म नहीं होता कि कई और ज़खम आ जाते है
    लोग मरहम तो ठीक नमक छिड़कने जरुर आ जाते है।।

    ©manii_842

  • manii_842 14w

    Lafz km h ibaadat ke liye fr bh mera nabi mehrban h mujhpe kuch is trh...
    Mere lafz byan hone se pehle meri kai dua qabool ki h or mera walidain bnke meri kai gustakhiyan maaf ki h!!!

    ©manii_842