miss_sharma_

मीरा सी दिवानी ��

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  • miss_sharma_ 5h

    Today I wrote two haiku poems. I didn't read carefully writerstolli's post. ��That's why I wrote one poem according to my topic which is written in the cation and second one according to the today's challenge topic. ����

    #haiku26feb_wt
    @writerstolli
    @mirakee

    ज्ञान का दीप
    जलाना है जरूरी
    अब है हक

    अज्ञान है जो
    हटाना है जरूरी
    ना होगा शक

    समान शिक्षा
    दिलाना है जरूरी
    है अधिकार

    हर बालक
    चमकेगा जरूर
    चाह है अब

    खेल खेल में
    सिखाना है जरूरी
    ना पड़े बोझ

    ~~ Ritu Sharma~~

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    पसंद है मुझे
    ये खालीपन सा
    पूरी सी लगती

    झूठी दुनिया
    झूठी इनकी बातें
    सच देखती

    हम से यहां
    मैं "मैं " ही बन जाती
    मिलूँ खुद से

    ना रहे शोर
    खामोशी है बोलती
    हूँ मैं सुनती

    जैसी ही चाहूँ
    बना कर दुनिया
    मैं हूँ आ जाती
    ©miss_sharma_

  • miss_sharma_ 3d

    Today's challenge #blitz_wt @writersnetwork @writerstolli @mirakeeworld @mirakee

    Title~~ किसान एक अन्नदाता

    मेहनत भरपूर करता
    मेहनत से ना डरे किसान
    किसान सभी का पेट भरता
    किसान निस्वार्थ भाव से काम करता
    करता है फिक्र
    करता है इज्जत
    इज्जत को गहना माने
    इज्जत से ही जीना जाने
    जाने फिर क्यों गरीब कहलाए
    जाने फिर क्यों कोसे नसीब
    नसीब से हार जाता है कभी
    नसीब पर उतनी ही आस
    आस पर पूरा विश्वास
    आस को न टूटने देता
    देता गर तो जीता कैसे
    देता गर तो पिता कैसे
    कैसे पूरे करता सपने सारे
    कैसे देता खिलौने सारे
    सारे उम्मीद उसी से करते
    सारे दुख वही है हरता
    हरता है अपनों के गम
    हरता है सभी के आंसू
    आंसू तो उसे भी आते
    आंसू दिखाएं कैसे
    कैसे जताएं टूट चुका है
    कैसे बताएं कि किसानी बन गई लाचारी
    लाचारी जो किसी ने ना देखी
    लाचारी जिसका मजाक उड़ाये अमीर
    अमीर अमीरी का रोब दिखाएं
    अमीर अन्न के बिना घर चलाकर दिखाएं
    दिखाएं अपने पैसों का रोब
    दिखाएं कब तक मारता है इंसानियत
    इंसानियत किसान के अंदर होती
    इंसानियत से ही बना महान
    महान देश में नहीं मिलता मान-सम्मान
    महान देश में लूटने का होता है अब काम
    काम करे वह दिन रात
    काम के नहीं मिलते सच्चे दाम
    दाम लगे मनमर्जी के
    दाम से ना आए हाथ में कुछ
    कुछ ऐसे अन्याय होता
    कुछ कर लेते आत्महत्या
    आत्महत्या से किसान खत्म
    आत्महत्या से किसानी खत्म
    खत्म फिर फसल अनाज
    खत्म फिर पूरा समाज
    समाज गर दे पूरा मान सम्मान
    समाज गर दे पूरा साथ
    साथ से ही दुगना है देता
    साथ से ही बनेगा स्वाभिमानी अन्नदाता

    ~~Ritu Sharma~~

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    अन्नदाता

  • miss_sharma_ 4d

    I have write total 27 posts till now and it's 28th posts✍��
    But profile pr post- 17 likha huva h������
    Count krne se pta chlta h ki 28 post ho chuki h ������
    Isliye aaj maine mirakee se eske baare mai pucha

    Me* sir meri post count krte time ap counting bhul gye the kya������

    Mirakee* nhi ,kya huva ?madam����

    Me*meri ab tak28post ho chuki h Or profile pr km show ho rhi h������

    Mirakee*oh i see, hum khrab post count nhi krte h madam�������� ap bhut khrab post likhte h jami bina sr per wali post���� sukr manao null nhi dikha rkha����

    Me* okay okay thank u������
    Dekhun to shi maine kon kon se khrab post bnai h������

    #meme54_wt
    #Funday
    @writerstolli

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    Mirakee*

    dekho dekho apne
    Kitni khrab
    post likhi h
    Me*

    Haan haan
    dekh rhi hun

  • miss_sharma_ 5d

    Bs Kuch kalpanik sawal h���� jyada mt sochiyo koi��������

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    हकीकत से पहले ख्वाबों में आओगे ना?
    रोने से पहले मुस्कुराहट लाओगे ना?
    आने से पहले आहट लाओगे ना?
    फूलों से पहले तेरी खुशबू लाओगे ना?
    प्यार से पहले एहसास लाओगे ना?
    दूर जाने से पहले पास आओगे ना?
    बोलने से पहले समझ जाओगे ना?
    हक से पहले हक जताओगे ना?
    नजरऻने से पहले नजर आओगे ना?
    भुलाने से पहले याद आओगे ना?
    रुठने से पहले मनाओगे ना?
    सुनो,देर से ही सही पर तुम आओगे ना?

    ©miss_sharma_

  • miss_sharma_ 1w



    मैंने मजबूत रिश्तो को भी टूटते देखा!
    हाँ, मैंने अपनों का बात-बात पर रूठते देखा है!!

    मैंने विश्वास के पक्के धागे का भी टूटते देखा है!
    हाँ, मैंने अपनों को रिश्तो में शक ढूँढते देखा है!!

    ©miss_sharma_

  • miss_sharma_ 1w



    अब से जिंदगी जीने का नया उसूल होगा!
    प्यार हो या नफरत हमें सब कुबूल होगा!!
    ©miss_sharma_

  • miss_sharma_ 1w

    क्यों भूल जाती है औलाद माँ बाप ही,
    उन्हें उंगली पकड़ कर चलना सिखाते है।
    और जब उन्हें सहारा देना होता है
    तो वो अपना हाथ छुड़ा लेते हैं।

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    कहां कमी रह गई थी माँ बाप के प्यार में
    बेटा बरसों से सजाई उम्मीदों को एक पल में तोड़ आया
    थोड़ा सा तो कर्ज अदा करता उनके फर्ज का
    वो लड़खड़ाए भी नहीं थे और बेटा वृद्धाश्रम में छोड़ आया
    ©miss_sharma_

  • miss_sharma_ 2w

    ए जिंदगी तेरे भी हिसाब निराले हैं��
    चल सुन तो जरा हमने कैसे संभाले हैं��

    कभी तू सुकून की ठंडी छांव सी है��
    कभी तू धूप में जलते पाव सी है��

    कभी तू बेहद खूबसूरत अपनों के संग��
    कभी बनी तू खालीपन सी बेरंग ��

    कभी तू खुशियों का पहर सी रही��
    कभी तू दुखों का जहर सी रही��

    कभी तू हारी कभी तू जीत पाई��
    कुछ वादे निभा सकी तो कुछ कसमें झूठी खाई��

    जिंदगी के जैसे जिया तो बनी कोई सखी सहेली��
    समझने बैठे तो तू पाई कोई कठिन पहेली��

    दुनियादारी के चलते कभी-कभी तू बवाल बनी��
    लेनदेन के चलते हर दिन तू एक सवाल बनी��

    जी रहे हैं तुझे तू जो मेरा हिस्सा बनी��
    सुना रही हूंँ तुझे देख तू कैसे एक किस्सा कहानी बनी��

    ©miss_sharma_

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    जिदंगी

    सब की अलग कहानी

  • miss_sharma_ 3w

    मत समझो अबला नारी मुझे।
    मेरे वजूद से हमेशा कुछ विशेष होता है।।
    करोगे गर समुंद्र सा शान्त।
    तो मत भूलना उसमें भी सैलाब आना शेष होता है।।

    ©miss_sharma_

  • miss_sharma_ 11w



    हार नहीं होगी मेरी! मैं ऐसा परिंदा हूँ।
    पंखों से नहीं अपने हौसलों से जिंदा हूँ।।

    ©miss_sharma_