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Reposts
  • mysteriousman 34w

    कुछ ‘रांझणा' बनारस से जी उठा और कुछ बनारस रांझणा से. इसे देखकर उठो तो जी शांत नहीं होता. दिल होता है कि भाग चलें घाटों की ओर, कि दौड़ जाएँ सारी गलियों में
    ©mysteriousman vc

  • mysteriousman 39w

    बहुत बुरी है ये मुहब्बत..., बहुत बुरी है....

    कहे जा रहे हैं , और किए जा रहे हैं
    By VC
    ©mysteriousman

  • mysteriousman 42w

    अलग ही इज़्ज़त है चाय में इलायची की भी..

    हर किसी के लिए नहीं डाली जाती..!!
    ❤ ☕ ❤
    By VC
    ©mysteriousman

  • mysteriousman 44w

    हम नींद के ज़्यादा
    शौक़ीन तो नहीं लेकिन,
    कुछ ख़्वाब न देखें
    तो गुज़ारा नहीं होता!!
    By VC
    ©mysteriousman

  • mysteriousman 44w

    सीख ली जिसने अदा गम में मुस्कुराने की,
    उसे क्या मिटायेंगी गर्दिशे जमाने की !!
    By vc ©mysteriousman