• shashank_tripathi 31w

    इत्मीनान

    किसने कहा तपिश से लोग झुलस रहे हैं..
    इंसान से जलता हुआ यहाँ इंसान देखिए..

    सुना जब से सबने मदद चाहता है कोई..
    तब से पड़ी है गली वह सुनसान देखिए..

    मायूस हैं कि ज़िन्दगी ग़ुरबत में कट रही है..
    भरी जेब वाले क्या कम हैं परेशान देखिए..

    मसरूफ़ हैं अभी सब ये जमीन बाँटने में..
    फ़ुरसत हुए जो बाँट लेंगे आसमान देखिए..

    हर कोई यहाँ क़सूरवार ठहराता दूसरे को..
    अदालत में बैठा मुंसिफ भी हैरान देखिए..

    आप कहते थे मुल्क की ताक़त है जवानी..
    गाड़ियाँ फूँकता सड़क पर नौजवान देखिए..

    उम्मीदें कई पाले आप तो रह गए वहीं पर..
    फल फूल रहे हैं तो बस हुक्मरान देखिए..

    सुना है मुल्क अपना तरक्की की राह पर है..
    मिलेगी कब तरक्की रख के इत्मीनान देखिये..

    ©shashank_tripathi