• mirakee_shashwatpandey 24w

    कहानियाँ ज़िंदगी की कुछ यूं भी अधूरी रह जाती है,
    कभी पन्ने कम पड़ते हैं,कभी स्याही सूख जाती है !!

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    बंदिशें

    @ शाश्वत पाण्डेय