• kk_jangid 24w

    माना की दूरियाँ कुछ
    बढ़ सी गयी है

    मगर तेरे हिस्से का वक़्त
    आज भी तन्हा गुज़रता है

    🍁 राजस्थानी अफ़ीम 🍁