• meghrajsagar 5w

    ना इश्क हारा है मेरा ना ही जज्बात थके हैं...अब आँसू हैं इन आँखो मे तो रहने दे, बस ये ही तो मेरे सगे हैं!
    तेरे आने की उम्मीद मे देख हमने चिराग जला रखे हैं...तुझे खुद मे तालाशते हुए, आज फिर हम एक रात जगे हैं!

    ©मेघराजसागर