• diariesofromeo 24w

    बेरंग इस ज़िंदगी में
    हँसीं रंगों की बारिश हो तुम।
    ढलती हुयी शाम में
    उगते सूरज की गुज़ारिश हो तुम।
    यूँ तो रहगुज़र पर हैं लोग बहुत
    मगर
    इस दिल्लग़ी की ख़्वाहिश हो तुम।।

    ©diariesofromeo