• sumansigh 10w

    जी चाहता है ....
    जंग ए इश्क़ जीतने को जी चाहता है ,
    तिरे संग जलने को जी चाहता है ,
    पिघलना ही ग़र नसीब में लिखा है
    तिरे संग पिघलने को जी चाहता है ।।
    .......सुमन..............
    ...........स्वरचित / मौलिक ....