• jigneshpatel 5w

    A constant circle within.

    Through comparison (An emotion), the desire to be anything or to get something arises and fear is created by desire and life becomes a dream (race) through fear,
    And all desires and feelings are born only through attachment or separation of our every experience.

    Greetings~

    तुलना ( एक भावना) के द्वारा कुछ भी होने का या कुछ पाने की इच्छा का उद्भव होता है और इच्छा के द्वारा भय का निर्माण होता है और भय के द्वारा जीवन एक स्वप्न (दौड़) में बदल जाता है,
    और सभी इच्छाएं और भावनाएं केवल हमारे हर अनुभव के लगाव या अलगाव के माध्यम से जन्म लेती है।

    नमन।~ {Jignesh,  An identity}