• rohitsrivastva 5w

    चलता गया

    हम अकेले चले थे रास्ता मिलता गया
    हमारे करवा का काफला चलता गया
    हमने बुलाई नहीं भीड़ कभी पास अपने
    जो पास आये उनसे रिश्ता जुरता गया

    हम मुस्कुराने लगे उन्हें देख के वो भी हस्ता गया
    आसुओ के बदले मै अपनी खुशी देता गया
    पूछते है लोग हमसे क्या कमाया भीड़ से
    हम भी हस के बोल बैठे जो मिला देता गया

    छुपा के मै दर्द अपना खुशियाँ सारी देता गया
    मै रुका नहीं कभी कभी करवा चलता गया
    मोम का हुँ बना मोम सा जलता गया
    ना कभी देखा मुरके मै अपने धुन मे चलता गया

    मेरी कलम
    ©rohitsrivastva