• vruvii 10w

    रात है, सितारे है, स्मा है,
    चमक रहा यह सारा जहान है,
    आतिस्बाजियो की गूंज तो है, फिर भी जाने क्यूं सूना सब यहां है।
    सब है, फिर क्या है यह जो कमी खल रही है, फर्क शायद इतना है कि तुम वहा और हम यह है।
    -वृंदा