• harsha_joshi 10w

    ज्ञानी

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    ज्ञानी

    आज एक ज्ञानी पुरुष से मुलाक़ात हुई
    सफ़ेदपोश मोटी तोंद..
    ज्ञान इतना कि छलक रहा था..
    चाय की दो चुस्की साथ में लेने पर समझ आया की माँ सरस्वती के साथ माँ लक्ष्मी की भी कृपा बनी हुई है।
    कुछ देर बातें करके, उनकी उपलब्धियाँ सुनके..
    जब उनका अर्दली नाश्ता लाया, तो उठने को जी करा..
    उनकी मैं-मैं की गूंज में एक घुटन के सन्नाटे का एहसास हुआ..
    और उठ के घर को जाते समय दिमाग़ में एक ख़याल आया ..
    एक प्रार्थना निकली दिल से ..
    की हे प्रभु, चाहे कितनी विद्या और कितना ही धन देना पर कभी इतना ज्ञानी मत बनने देना..

    ©हर्षा जोशी