• thehauntingwrites 23w

    न मंज़िल की फिक्र थी न रास्तों की,
    बेफिक्रा ज़िन्दगी थी, बस जीली...
    कभी कीमत ना पूछी मुस्कुरानेकी...।


    ©themindhunterwrites