• rohitsrivastva 9w

    तुम्हारा प्यार

    जितना मिला वो भी गवारा था
    मैं ओर मेरा प्यार दोनों ही तुम्हारा था
    कल तलक नींद आ जाती थी सिरहाने पे हाथ जो तुम्हारा था
    अब करवाते बदलते रात गुजर जाती है तू ही तो बस हमारा था

    मेरी कलम
    ©rohitsrivastva