• manojbuwa 6w

    एक दिन

    एक दिन आप जरूर मेरे सामने होंगे
    मैं आगे रहुँगा आप पीछे होंगे

    जो भी करूँगा अब बता के करूँगा
    मन में कोई दुःख न रखुँगा

    चाहे मुझे आप कैसे भी समझे
    अब जैसा भी हूँ वैसा ही रहुँगा

    सहना था जो मैंने सह लिया
    अब वही करूँगा जो मेरा दिल चाहेगा

    भरोसा तो सब पे करूँगा
    पर यकीन सिर्फ खुद पे रखुँगा

    कब तक झेलता रहुँ सबकी बातें
    जो की अब समझने नहीं आते

    वो एक दिन अब दूर नहीं
    जिसके लिए मैं जिया हूँ

    -मनोज बुवा (अबीद)