• aashiq_ki_kalam_se 23w

    By unknown writer

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    " रोज़ तेरी तस्वीर को देख ,
    उन्हें आँखो के रुमाल से पोछ लेता हूँ,
    क्या है ना,
    उनमें रोज़ यादों की धूल पड़ जाया करती है।। "

    #अभय