• shubhambiradar 5w

    अहसासों के चादर में,
    वक़्त पे लेटे हुए हम,
    ख़ुद ही से बातें करते हुए हम,
    ना आज ना कल में,
    बस अब में,
    कितने सही लग रहे थे ।

    ©shubhambiradar