• danishsiddiqui 5w

    माना की तेरे दर पे हम खुद चल
    कर आए थे,
    ऐ इश्क .......
    दृद , दृद और बस दृद....
    ये कहा की मेहमान नवाजी
    है.....

    ©danishsiddiqui