• naveenverma 23w

    गहराई उसके आँखों की सागर की सी है
    हमने उन आँखों में डूब कर देखा है

    दिख जाता है बादलों में ओझल चाँद हवा से
    हमने उसकी ज़ुल्फ़ों को हटा कर देखा है

    रुख़सार उसके हैं सुर्ख़ गुलाब से
    हमने वो गुलाब भी छू कर देखा है

    लबों में है उसके किसी मय सा सुरूर
    हमने उन लबों को पी कर देखा है

    लिखावट उसके बदन की है आयतों सी
    हर एक आयत को हमने पढ़ कर देखा है

    जीत ही जाती हो तुम हर बार
    हमने खुद से अक्सर लड़ कर देखा है।

    ©naveenverma