• theidentityasthejigneshpatel 6w

    Truth Vs Conclusion.

    Truth can never be a conclusion,
    It is only likely to be exposed,
    And the deeper the consciousness is exposed, the more it will continue to be modified.

    No experience ever attains perfection,
    Through consciousness, the process of experiencing experience with continuity can only be a process of understanding.
    the revelation of consciousness is the endless process.
    As consciousness is matured, the essence is changed even through the mental state of the experiencing process.

    Greetings.

    सत्य कभी निष्कर्ष नहीं हो सकता,
    ये केवल उजागर होने की संभावना है,
    और चेतना को जितना गहराई में उजागर किया जाता है,इतना ही संशोधित होता रहेगा।

    कोई अनुभव कभी पूर्णता प्राप्त नहीं करता है,
    चेतना के माध्यम से, निरंतरता के साथ अनुभव करने की प्रक्रिया केवल समझने की प्रक्रिया हो सकती है।
    चेतना का रहस्योद्घाटन अंतहीन प्रक्रिया है।
    जैसे-जैसे चेतना परिपक्व होती है, अनुभव प्रक्रिया की मानसिक स्थिति के माध्यम से भी सार बदल जाता है।
    (Jignesh Patel ~ An identity)