• maverick_sg 9w

    उसके ठोड़ी के तिल से गुजरती
    मेरी नज़र उसके माथे तक जाती है,
    उसके माथे पे चमकती वो बिंदिया,
    मुझे उसके ह्रदयकमल की ओर जाती है,
    बात ज़ुबां से फूटी है कि ये दिल एक मृग-मरीचिका है,
    मेरी मशगुलीयत की सुकूनभरी भटकन मेरी 'अवंतिका' है!