• khaniftekhar 10w

    काश मेरे लफ़्ज़ों को ये अन्दाज़ मिले
    गूँगे लोगो के दिल की आवाज़ मिले

    मै धरती पर रहने वाला इंसान हु
    तुम हो एक परी तुमको परवाज़ मिले

    एक बार नही दस बार गया बुतखाने में
    बुतखाने के सारे बूत नाराज़ मिले

    कब तक तन्हा नन्हा उम्र गुज़ारे हम
    अब ये ज़रूरी है कोई हमराज मिले
    ©khaniftekhar