• akshat_lakhe 23w

    ऐशोआराम से लबरेज़ हो कर भी खुद को खोखला पाया है ,
    जनाब, हमने दोस्तों की महफिलों मैं भी खुद को तन्हा पाया है।


    ©अक्षत लखे