• wild_aish 9w

    ©wild_aish #mirakee
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    सुबह जिसे गुनाह, दोपहर गुस्ताख कहता हूं
    ग़म-ए-हिज्र की रात में,उसे शराब कहता हूं

    ~Joe

    ग़म- ए- हिज्र कि रात में जिसे शराब कहते हो,
    नशा तो तुम ग़म का करते हो
    फिर बदनाम बेचारी शराब को क्यों करते हो ?

    ~Aish