• tathagatthakur22 5w

    दीवाने थे दीवाने ही रहे
    हम नए शहरों में रहकर पुराने ही रहे

    दिल की बस्ती में हज़ारों इंक़लाब आए मगर
    दर्द के मौसम सुहाने थे सुहाने ही रहे

    हमने तो कोशिस की मोम को पिघलाने को मगर पिघली नही
    उसके लबों पर बहाने थे बहाने ही रहे