• hvstomar 6w

    साइंस भी हूँ मैं कि मेरा फ़लसफ़ा भी मैं
    मैं ही फ़क़ीर हूँ कि कभी बादशा भी मैं

    चलता ही जा रहा हूँ मैं ख़ुद की तलाश में
    मंज़िल पे मैं खड़ा हूँ मेरा रास्ता भी मैं

    ©hvstomar ‘ज़ाहिर’