• amandas4127 9w

    बातें तो बहुत सी हुई पर फिर भी रह गई कुछ अधुरी |
    कहानीयाँ भी बहुत सी सुनी पर फिर भी रह गई कुछ अनसुनी |

    Engineering करना तो बस था एक बहाना ,
    हमे तो था बस यादें बनाना |

    Lectures attend करने का भी एक ही था मकसद हमारा,
    75 percent हो जाए बस बेडा पार है हमारा |

    यहाँ सभी थे excited, खुश और मज़े में,
    क्यों कि अाने वाला था SPARSH कुछ ही समय में |

    पर फिर न जाने कहाँ से आई ये कोरोना की बिमारी,
    Social distancing पडी दोस्तों पर भारी |

    फिर ना हो पाई Cultural fest हमारी,
    कोरोना ने बेकार की सारी महेनत हमारी |

    Final Year वालो ने सोचा कैसी है ये महामारी,
    बेचारे नही ले पाए farewell हमारी |

    रह गए इन दोस्तों के सपने अधुरे,
    बेचारे नही कर पाए group study के ख्वाब पूरे |

    सब wait कर रहे है college खुलने का,
    ताकि वापस योज़ना बना पाए Bunk मारने का |

    अब भी हम चाय रोज पी रहे है,
    पर टपरी वाली हम अब भी miss कर रहे है |

    अब दुआ यही है कि सब वापस Normal हो जाए,
    ताकि college खुले और यारो का भरत-मिलाप हो जाए|

    ©amandas4127