• priyanshu93 23w

    हाँ मैंने बस यही सोचा तेरे साथ


    माना कुछ नही है मेरे पास
    सोचा था मिलकर दोनों एक जहाँ बनाएंगे
    बहुत सी कमियां होती जीने मैं हमारे
    लेकिन मिलकर के साथ पूरी दुनिया अपना पूरा जहाँ पूरा कर पाते
    गिरते मैं या तुम संभाल लेते
    तुम मुझको मैं तुमको
    बिखरते जो साथ प्यार हमारे तो दिल को अपने थोडा समझकर आगे एक दूसरे के थोडा झुक जाते
    सोचा था साथ तेरे, मेरे कुछ बिगड़े रिश्ते सुधर जाते
    छुट गए हैं जो साथ वो हम मिलकर फिर से वापस पाते

    लेकिन अव न तो तू साथ न
    न जिंदगी की उमीद
    दिल के टुकड़े लेकर चलना सिख रहा अब बिन तेरे
    अंधेरों से जो मोहब्बत थी अब उनके ही दर पर खड़ा हूँ साथ पाने को ।

    ©priyanshu93