• ayusheesingh219 30w

    Maa

    बचपन में उसने चलना सिखाया मुझे।
    आँचल में अपने उसने छिपाया मुझे।
    मुसीबत से उसने हमेशा बचाया मुझे।
    आज क्यों दर्द देता हूँ मैं उससे।
    आज बस फर्क इतना है हाथ वो मांग रही है,
    वक़्त मेरा वो माँग रही है,
    आंसू गिर रहे हैं आंखों से उसकी
    दर्द अपना वो बयान कर रही है।
    ज़िन्दगी की राह में भूल गया था मैं ,
    की उसका आशीर्वाद ही राह है मेरे जीवन की ,
    आज फिर मै चलते चलते गिर गया ,
    एक हाथ देखा मेरी ओर बढ़ता हुआ ,
    थका हुआ मखमल मेरी माँ का हाथ था।
    ©ayusheesingh219