• sk_2805 23w

    जो नहीं खुदके

    जो नहीं है खुदके वो हमारे क्या होगे
    जिनको नहीं पता मंझील वो साथ क्या चलेंगे
    शक तो हमे भी बहोत था काबिलियत पे तुम्हारे
    लेकीन हम हौसला आपका शिद्दत से बढ़ाते गए
    आपने हमारी बारी आयी तो टुकडे हजार कर दिए
    आपने तो अपना वक़्त पूरा लिया
    हम तोे सिर्फ चंद साँसो की सहुलत मिली
    कुछ अच्छे करम तो हमने भी किये होंगे
    वरना सांसे तो तभी रुक जाती थी हमारी
    जब इतने सालोंके बाद बता दिया आपने की मै हु नहीं तुम्हारी

    संदिप कुलकर्णी
    ©sk_2805