• duraaj 10w

    कुछ ज़ख़्म जमाने के दिए थे और कुछ तुम्हारे
    वो मेरा चुप रहने का हुनर था जो मुझे बचा गया,

    क्यूँकि यहाँ हम दोनो बेबस थे

    फ़र्क़ था तो सिर्फ़ इतना कि तुम बस ख़ामोश रहे
    और मैं लफ़्ज़ तराशने में रह गया !!!

    ©duraaj