• tauheedshahbaz 23w

    बातें

    वहीं से शुरू हों फिर सारी बातें
    किनारों पर रुकी हैं वो आते आते
    जुदाई में हो खड़ी जैसे दिन और रातें
    ले चलो वक्त को पीछे,करो उसकी बातें
    ©tauheedshahbaz